महाराष्ट्र LPG सिलेंडर हादसा: बाढ़ में बह गए हजारों सिलेंडर, प्रशासन ने जारी की सख्त चेतावनी
- धन्नाराम चौधरी

- 9 जुल॰
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बाढ़ के पानी में बहते LPG सिलेंडर, HPCL पातालगंगा प्लांट या रायगढ़ बाढ़ का प्रतीकात्मक दृश्य।
भारतार्थ खबर। संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)रायगढ़ (महाराष्ट्र) | 09 जुलाई, 2026 रायगढ़। महाराष्ट्र LPG सिलेंडर हादसा उस समय गंभीर रूप ले गया जब लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण रायगढ़ जिले के चावणे गांव स्थित HPCL पातालगंगा एलपीजी बॉटलिंग प्लांट में बाढ़ का पानी घुस गया। तेज बहाव में करीब 3,000 एलपीजी सिलेंडर बहकर पातालगंगा नदी तक पहुंच गए। घटना के बाद जिला प्रशासन ने लोगों के लिए सख्त चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि नदी, समुद्र तट या आसपास कहीं भी सिलेंडर दिखाई दें तो उन्हें छूने, उठाने या घर ले जाने की गलती बिल्कुल न करें, क्योंकि इससे बड़ा हादसा हो सकता है।
जानकारी के अनुसार, बाढ़ का पानी अचानक प्लांट में भर गया, जिससे कर्मचारियों को सिलेंडरों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने का पर्याप्त समय नहीं मिल सका। तेज जलधारा के सामने भारी-भरकम सिलेंडर भी टिक नहीं पाए और बहते चले गए। इनमें गैस से भरे और खाली दोनों प्रकार के सिलेंडर शामिल बताए जा रहे हैं।
प्रशासन के मुताबिक, लगभग 1,200 खाली सिलेंडर भी बह गए, जिनमें गैस नहीं भरी गई थी। अधिकारियों का कहना है कि यदि इन सिलेंडरों में गैस भरी होती तो आपस में टकराने से गैस रिसाव, आग या विस्फोट जैसी गंभीर घटनाएं हो सकती थीं।
रायगढ़ के जिला कलेक्टर किशन जावले ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी भी स्थान पर बहकर आया सिलेंडर दिखाई दे तो उसकी सूचना तुरंत प्रशासन या संबंधित अधिकारियों को दें। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाहर से देखकर यह पता लगाना संभव नहीं है कि सिलेंडर भरा हुआ है या खाली तथा उसकी स्थिति सुरक्षित है या नहीं।
इस घटना के बाद HPCL और जिला प्रशासन संयुक्त रूप से नदी और आसपास के क्षेत्रों में बहकर गए सिलेंडरों की तलाश कर रहे हैं। साथ ही पूरे मामले की जांच भी जारी है ताकि नुकसान का सही आकलन किया जा सके और भविष्य में ऐसी प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सके।
सोशल मीडिया पर इस घटना के वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। कई लोगों ने औद्योगिक सुरक्षा प्रबंधन और बाढ़ जैसी आपदाओं से निपटने की तैयारियों पर सवाल उठाए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण चरम मौसम की घटनाएं बढ़ रही हैं, इसलिए औद्योगिक इकाइयों के लिए आपदा प्रबंधन योजनाओं को और अधिक मजबूत बनाना समय की आवश्यकता है।
इसी बीच मौसम विभाग ने महाराष्ट्र के कई जिलों में भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहने तथा किसी भी संदिग्ध स्थिति की तुरंत सूचना देने की अपील की है।
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