top of page
भारतार्थ-logo

बेंगलुरु दूसरा हवाई अड्डा: हारोहल्ली बना नया दावेदार, सीएम डीके शिवकुमार का बड़ा संकेत

  • लेखक की तस्वीर: धन्नाराम चौधरी
    धन्नाराम चौधरी
  • 9 जुल॰
  • 2 मिनट पठन
Six men in a government meeting review large documents at a conference table, focused and serious, with an emblem on the wood wall.
कनकपुरा के हारोहल्ली क्षेत्र पर फिर शुरू हुआ मंथन, सस्ती जमीन और बेहतर कनेक्टिविटी से बढ़ी दूसरे ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट की उम्मीदें।

हारोहल्ली क्षेत्र का हवाई दृश्य, डीके शिवकुमार की बैठक, या बेंगलुरु एयरपोर्ट/ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का प्रतीकात्मक चित्र।

भारतार्थ खबर। संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com )बेंगलुरु | 09 जुलाई, 2026 बेंगलुरु। बेंगलुरु दूसरा हवाई अड्डा परियोजना को लेकर कर्नाटक सरकार ने एक नया संकेत दिया है। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने अपने विधानसभा क्षेत्र कनकपुरा के अंतर्गत आने वाले हारोहल्ली को दूसरे ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के संभावित स्थल के रूप में दोबारा परखने का सुझाव दिया है। यदि यह प्रस्ताव आगे बढ़ता है तो हारोहल्ली बेंगलुरु के भविष्य के सबसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में से एक का केंद्र बन सकता है।


बुधवार को मुख्यमंत्री ने अवसंरचना विकास मंत्री एम.बी. पाटिल और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में दूसरे हवाई अड्डे के लिए भूमि अधिग्रहण, तकनीकी व्यवहार्यता और भविष्य की कनेक्टिविटी पर विस्तार से चर्चा हुई। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से हारोहल्ली क्षेत्र का पुनर्मूल्यांकन करने को कहा, क्योंकि यहां भूमि अपेक्षाकृत सस्ती है और अधिग्रहण की प्रक्रिया भी आसान हो सकती है।


फिलहाल सरकार के पास सोमनहल्ली, चूडाहल्ली और नेलमंगला-कुनिगल क्षेत्र जैसे विकल्प मौजूद हैं। हालांकि हारोहल्ली के सामने आने से परियोजना की दिशा बदल सकती है। अधिकारियों का मानना है कि यहां बड़े पैमाने पर गांवों के विस्थापन की आवश्यकता कम होगी, जिससे परियोजना सामाजिक रूप से भी अधिक स्वीकार्य बन सकती है।


मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने स्पष्ट किया कि सरकार ऐसे स्थान की तलाश में है जहां तकनीकी दृष्टि से एयरपोर्ट बनाना संभव हो, जमीन समतल हो, लागत कम आए और ग्रामीणों को न्यूनतम परेशानी हो। उन्होंने कहा कि किसी भी गांव को उजाड़ना सरकार का उद्देश्य नहीं है और प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाएगा।


जानकारी के अनुसार, हारोहल्ली भविष्य में नम्मा मेट्रो ग्रीन लाइन विस्तार, सैटेलाइट टाउन रिंग रोड (STRR) और कनकपुरा कॉरिडोर से जुड़ सकता है। यही वजह है कि इसकी कनेक्टिविटी अन्य प्रस्तावित स्थानों की तुलना में अधिक मजबूत मानी जा रही है।


हालांकि अंतिम फैसला अभी नहीं हुआ है। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) को हारोहल्ली का तकनीकी और हवाई क्षेत्र संबंधी अध्ययन करना होगा। वहीं मीन्हार्ट-केपीएमजी कंसोर्टियम आर्थिक, यातायात और तकनीकी व्यवहार्यता पर अपनी अंतिम रिपोर्ट सितंबर 2026 तक राज्य सरकार को सौंपेगा। इसी रिपोर्ट के आधार पर दूसरे एयरपोर्ट के अंतिम स्थान की घोषणा की जाएगी।


विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हारोहल्ली को मंजूरी मिलती है तो दक्षिण बेंगलुरु में निवेश, रोजगार, रियल एस्टेट, उद्योग और परिवहन के क्षेत्र में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

टिप्पणियां

5 स्टार में से 0 रेटिंग दी गई।
अभी तक कोई रेटिंग नहीं

रेटिंग जोड़ें
bottom of page