top of page
भारतार्थ-logo

कर्नाटक नदी प्रदूषण नियंत्रण: 40 नए सीवेज संयंत्रों से जल गुणवत्ता सुधार की बड़ी पहल

  • लेखक की तस्वीर: धन्नाराम चौधरी
    धन्नाराम चौधरी
  • 9 जुल॰
  • 2 मिनट पठन
Polluted stream with murky water and heaps of trash along the banks, with green plants in the background.
रकार ने सीवेज उपचार क्षमता बढ़ाने की दिशा में तेज किए कदम, नदियों को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए एसटीपी परियोजनाओं का विस्तार।

कर्नाटक में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP), नदी, जल शोधन संयंत्र या स्वच्छ नदी का दृश्य

भारतार्थ खबर। संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) बेंगलुरु | 09 जुलाई, 2026 । कर्नाटक नदी प्रदूषण नियंत्रण को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। नदियों की गिरती जल गुणवत्ता में सुधार लाने के उद्देश्य से सरकार ने 40 नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) प्रस्तावित किए हैं, जिससे 112.85 एमएलडी अतिरिक्त सीवेज उपचार क्षमता विकसित होगी। इसके साथ ही निर्माणाधीन परियोजनाओं में भी तेजी लाई गई है, जिससे राज्य की प्रमुख नदियों को प्रदूषण से राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।


कर्नाटक राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (KSPCB) ने राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (NGT) के समक्ष दायर हलफनामे में बताया कि नदी प्रदूषण को कम करने के लिए सीवेज प्रबंधन अवसंरचना को लगातार मजबूत किया जा रहा है। प्रस्तावित परियोजनाओं के अतिरिक्त निर्माणाधीन 14 नए एसटीपी से 174.025 एमएलडी उपचार क्षमता और जुड़ने वाली है।


रिपोर्ट के अनुसार, हसन जिले में 10 एमएलडी क्षमता वाला सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट भी चालू कर दिया गया है, जिससे स्थानीय स्तर पर गंदे पानी के उपचार में उल्लेखनीय सुधार होगा।


गौरतलब है कि जनवरी 2024 में प्रकाशित एक रिपोर्ट में बताया गया था कि कर्नाटक की 12 में से 9 नदियों की जल गुणवत्ता चिंताजनक स्तर तक पहुंच गई थी। रिपोर्ट में तेजी से बढ़ते शहरीकरण, अनियोजित विकास, बिना उपचारित सीवेज के सीधे नदी में छोड़े जाने और औद्योगिक प्रदूषण को इसके प्रमुख कारण बताया गया था। इसके बाद राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण ने स्वतः संज्ञान लेकर संबंधित विभागों से जवाब मांगा था।


सरकार ने न्यायाधिकरण को बताया कि सीवेज उपचार परियोजनाओं के अलावा औद्योगिक प्रदूषण नियंत्रण, ठोस एवं खतरनाक अपशिष्ट प्रबंधन, उपचारित जल के पुनः उपयोग तथा प्रदूषित नदी क्षेत्रों के संरक्षण के लिए भी कई योजनाओं पर तेजी से कार्य किया जा रहा है।


विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सभी प्रस्तावित परियोजनाएं समय पर पूरी होती हैं तो कर्नाटक की नदियों की जल गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल सकता है। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ लाखों लोगों को स्वच्छ जल उपलब्ध कराने में भी मदद मिलेगी।

टिप्पणियां

5 स्टार में से 0 रेटिंग दी गई।
अभी तक कोई रेटिंग नहीं

रेटिंग जोड़ें
bottom of page