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संभल सूर्यकुंड तीर्थ का होगा भव्य कायाकल्प, योगी सरकार ने जारी किए ₹4.32 करोड़

  • लेखक की तस्वीर: धन्नाराम चौधरी
    धन्नाराम चौधरी
  • 8 जुल॰
  • 2 मिनट पठन
Neglected pond covered in green algae beside tall reeds and grass, with brick buildings and a gray wall in the background.
अयोध्या-काशी की तर्ज पर विकसित होगा ऐतिहासिक सूर्यकुंड तीर्थ, श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाओं और धार्मिक पर्यटन को मिलेगा नया आयाम।

संभल स्थित प्राचीन सूर्यकुंड तीर्थ की तस्वीर

भारतार्थ खबर। संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) संभल (उत्तर प्रदेश) | 8 जुलाई, 2026 संभल सूर्यकुंड तीर्थ अब धार्मिक पर्यटन के नए केंद्र के रूप में विकसित होने जा रहा है। योगी आदित्यनाथ सरकार ने ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व वाले सूर्यकुंड तीर्थ के जीर्णोद्धार एवं सुंदरीकरण के लिए ₹4.32 करोड़ की परियोजना को मंजूरी दे दी है। पर्यटन एवं संस्कृति विभाग ने इस योजना की पहली किस्त के रूप में ₹3.24 करोड़ जारी कर दिए हैं, जिससे जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है।


इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्देश्य सूर्यकुंड की प्राचीन धार्मिक पहचान को संरक्षित रखते हुए इसे आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करना है। योजना के तहत लाल बलुआ पत्थर से दो भव्य प्रवेश द्वार बनाए जाएंगे, जो तीर्थ की भव्यता को और बढ़ाएंगे। वर्तमान में मौजूद पुराने प्रवेश द्वार जर्जर हो चुके हैं और उनकी जगह नए आकर्षक स्वागत द्वार तैयार किए जाएंगे।


परियोजना में श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए मल्टीपर्पज हॉल, यात्री शेड, आधुनिक शौचालय, पुरुष एवं महिला चेंजिंग रूम, कोटा स्टोन फ्लोरिंग, बेहतर लाइटिंग, सोलर प्लांट और हरित विकास (हॉर्टिकल्चर रिनोवेशन) जैसे कार्य शामिल किए गए हैं। इन सुविधाओं से तीर्थ परिसर अधिक स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधाजनक बनेगा।


धार्मिक दृष्टि से सूर्यकुंड तीर्थ संभल के सबसे महत्वपूर्ण स्थलों में गिना जाता है। यह नगर के 68 प्राचीन तीर्थों और 19 पौराणिक कूपों में शामिल है। वर्षभर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। सरकार का मानना है कि आधुनिक सुविधाओं के विकास से संभल धार्मिक पर्यटन के मानचित्र पर नई पहचान बनाएगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।


इससे पहले वर्ष 2019 में भी मुख्यमंत्री द्वारा ₹75.31 लाख की लागत से यहां यात्री शेड, चारदीवारी और इंटरलॉकिंग जैसे कार्य कराए गए थे। अब नई परियोजना के माध्यम से सूर्यकुंड का व्यापक विकास किया जाएगा।


इसी क्रम में वंश गोपाल तीर्थ के जीर्णोद्धार एवं सुंदरीकरण के लिए भी ₹4.50 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से ₹3.37 करोड़ की पहली किस्त जारी हो चुकी है। यहां भी स्वागत द्वार, मल्टीपर्पज हॉल, यात्री शेड, शौचालय, चेंजिंग रूम, कोटा स्टोन फर्श और स्टेनलेस स्टील रेलिंग जैसी सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा।

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