‘मन की बात’ में मोदी का नशामुक्त युवा पर जोर
- Ashok kumar Singh

- 5 दिन पहले
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महिला उद्यमिता, स्वच्छता, विज्ञान, खेती और ‘वोकल फॉर लोकल’ का भी संदेश

भारतार्थ खबर अशोक कुमार सिंह Bhaarataarth.com नई दिल्ली, 30 अगस्त 2026। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ के 137वें संस्करण में देशवासियों से सामाजिक बदलाव में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने नशामुक्त युवा, महिला उद्यमिता, स्वच्छता, विज्ञान एवं अंतरिक्ष, कृषि में विविधता, भारतीय इतिहास और स्वदेशी उत्पादों सहित विभिन्न विषयों पर अपने विचार साझा किए।
नशामुक्त युवा अभियान पर जोर
प्रधानमंत्री ने ‘नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ अभियान का उल्लेख करते हुए युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए जनभागीदारी बढ़ाने की अपील की। उन्होंने युवाओं, विद्यार्थियों, कलाकारों और सामग्री निर्माताओं से नशामुक्ति का संदेश विभिन्न माध्यमों और भाषाओं में लोगों तक पहुंचाने का आग्रह किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि नशे की समस्या का प्रभाव केवल व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि परिवार और समाज भी इससे प्रभावित होते हैं। उन्होंने नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने और इससे जूझ रहे लोगों की मदद करने वालों के प्रयासों की सराहना की।
महिला उद्यमिता को प्रोत्साहन
‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री ने छोटे कारोबार से जुड़ी महिलाओं के प्रयासों का उल्लेख किया। उन्होंने आर्थिक अवसरों और सरकारी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में हो रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला।
उन्होंने विभिन्न महिला लाभार्थियों के उदाहरण देते हुए बताया कि आर्थिक सहयोग मिलने से छोटे कारोबार को आगे बढ़ाने और परिवार की आय में योगदान देने के अवसर बढ़ सकते हैं।
स्वच्छता में जनभागीदारी का संदेश
प्रधानमंत्री ने स्थानीय स्तर पर स्वच्छता अभियान चलाने वाले युवाओं और नागरिकों के प्रयासों का उल्लेख किया। उन्होंने सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ रखने और प्लास्टिक कचरे को कम करने में सामूहिक भागीदारी की आवश्यकता बताई।
श्री अमरनाथ यात्रा के दौरान स्वच्छता से जुड़े प्रयासों का भी उन्होंने उल्लेख किया और श्रद्धालुओं की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया।
बेटियों की विज्ञान और अंतरिक्ष में भागीदारी
प्रधानमंत्री ने विज्ञान एवं अंतरिक्ष के क्षेत्र में छात्राओं की भागीदारी बढ़ाने वाली पहल ‘Mission ShaktiSAT’ का उल्लेख किया। उन्होंने इसे बेटियों को विज्ञान, तकनीक और अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों से जोड़ने वाली पहल के रूप में सामने रखा।
कृषि में नई फसलों से आय के अवसर
प्रधानमंत्री ने किसानों द्वारा पारंपरिक फसलों के साथ नई कृषि संभावनाएं तलाशने के उदाहरण भी साझा किए। उन्होंने आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और कर्नाटक के कुछ किसानों द्वारा एवोकाडो की खेती अपनाए जाने का उल्लेख किया।
उन्होंने वैज्ञानिक सलाह, बाजार की जरूरतों की समझ और फसल विविधीकरण को किसानों की आय के नए अवसरों से जोड़ते हुए ऐसे प्रयोगों को प्रोत्साहित किया।
तकनीक से इतिहास को समझने की पहल
प्रधानमंत्री ने मुंबई के कृष्णा शेषाद्रि की ओर से तैयार की गई BharatRajya वेबसाइट का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि डिजिटल माध्यम के जरिए भारतीय इतिहास और विभिन्न कालखंडों में अलग-अलग क्षेत्रों पर शासन करने वाले राजवंशों को समझने की कोशिश की गई है।
‘हर घर तिरंगा’ और स्वदेशी उत्पादों का आह्वान
प्रधानमंत्री ने देश में दिखाई देने वाली देशभक्ति की भावना का उल्लेख करते हुए ‘हर घर तिरंगा’ अभियान की चर्चा की। साथ ही उन्होंने आगामी त्योहारों के दौरान भारतीय उत्पादों को प्राथमिकता देने और ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना को आगे बढ़ाने की अपील की।
सामाजिक भागीदारी को बताया बदलाव की ताकत
137वीं ‘मन की बात’ का प्रमुख संदेश नागरिक भागीदारी और व्यक्तिगत प्रयासों को देश के व्यापक विकास से जोड़ने का रहा। प्रधानमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहे नागरिकों और समूहों के उदाहरणों के माध्यम से यह संदेश दिया कि सामाजिक बदलाव में सरकार के साथ आम नागरिकों की सक्रिय भूमिका भी महत्वपूर्ण है।
मन की बात 137वां एपिसोड
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