top of page
भारतार्थ-logo

ताशकंद में गूंजा भारत का अपनापन

  • लेखक की तस्वीर: धन्नाराम चौधरी
    धन्नाराम चौधरी
  • 5 दिन पहले
  • 2 मिनट पठन

भारतीय समुदाय ने पीएम मोदी का गर्मजोशी से किया स्वागत, मोदी बोले—‘अभिभूत हूं’


हॉल में ढोलक-तबला बजाते कलाकार, पीछे तिरंगे लहराते दर्शक, लाल कालीन पर मोदी ताली बजाते हुए, उत्सवी माहौल

भारतार्थ खबर Bhaarataarth.com ताशकंद, 30 अगस्त 2026। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उज्बेकिस्तान दौरे के दौरान राजधानी ताशकंद में भारतीय समुदाय ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी से मिलने के लिए भारतीय समुदाय के लोग एक होटल में एकत्र हुए। इस दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ प्रधानमंत्री का स्वागत किया गया।


प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय समुदाय के इस आत्मीय स्वागत पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि वह ताशकंद में भारतीय समुदाय के स्नेह और गर्मजोशी से अभिभूत हैं। उन्होंने प्रवासी भारतीयों को भारत और उज्बेकिस्तान के बीच मित्रता को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण सेतु बताया।


सांस्कृतिक रंगों से सजा स्वागत समारोह


स्वागत कार्यक्रम में भारतीय समुदाय की ओर से कथक सहित विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। उज्बेकिस्तान के स्थानीय कलाकारों और बच्चों ने भी भारतीय गीतों पर प्रस्तुति देकर भारत के प्रति अपने लगाव का परिचय दिया। इससे कार्यक्रम में भारत और उज्बेकिस्तान की सांस्कृतिक निकटता की झलक देखने को मिली।


एयरपोर्ट पर राष्ट्रपति मिर्जियोयेव ने की अगवानी


प्रधानमंत्री मोदी के ताशकंद पहुंचने पर उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव ने ताशकंद-हुमो अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उनकी अगवानी की। उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति कार्यालय के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति मिर्जियोयेव के निमंत्रण पर 29-30 अगस्त के राजकीय दौरे पर उज्बेकिस्तान पहुंचे हैं। उनके सम्मान में दोनों देशों के राष्ट्रीय ध्वज प्रदर्शित किए गए और गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।


प्रधानमंत्री की यह यात्रा भारत और उज्बेकिस्तान के बीच रणनीतिक तथा सभ्यतागत संबंधों को आगे बढ़ाने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, रक्षा, डिजिटल संपर्क, ऊर्जा और शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा प्रस्तावित है।


प्रवासी भारतीय बने दोस्ती की कड़ी


ताशकंद में भारतीय समुदाय का स्वागत केवल प्रधानमंत्री के प्रति सम्मान का प्रदर्शन नहीं, बल्कि दोनों देशों के बीच लोगों के स्तर पर मौजूद सांस्कृतिक संबंधों की भी झलक रहा। प्रधानमंत्री मोदी ने भी प्रवासी भारतीयों की भूमिका को भारत और उज्बेकिस्तान के बीच संबंधों को मजबूत करने वाला ‘जीवंत सेतु’ बताया।


प्रधानमंत्री की उज्बेकिस्तान यात्रा के बाद उनका मध्य एशिया दौरा आगे बढ़ेगा। 31 अगस्त से 1 सितंबर तक वह किर्गिज गणराज्य में होने वाले 26वें शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे।

टिप्पणियां

5 स्टार में से 0 रेटिंग दी गई।
अभी तक कोई रेटिंग नहीं

रेटिंग जोड़ें
bottom of page