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मोदी को उज्बेकिस्तान का सर्वोच्च सम्मान, रिश्तों को नई उड़ान

  • लेखक की तस्वीर: धन्नाराम चौधरी
    धन्नाराम चौधरी
  • 5 दिन पहले
  • 3 मिनट पठन
मोदी और उज्बेक राष्ट्रपति ने भारतीय व उज्बेक झंडों के बीच औपचारिक हैंडशेक किया।

यूरेनियम, डिजिटल तकनीक, एआई और GIFT City पर सहयोग; 2030 तक 5 अरब डॉलर व्यापार का लक्ष्य

भारतार्थ खबर Bhaarataarth.com ताशकंद, 30 अगस्त 2026। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उज्बेकिस्तान की राजकीय यात्रा के दौरान भारत और उज्बेकिस्तान ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी (Comprehensive Strategic Partnership) के स्तर तक ले जाने का फैसला किया। प्रधानमंत्री मोदी और उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव के बीच ताशकंद में हुई प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता में व्यापार, निवेश, ऊर्जा, यूरेनियम, डिजिटल तकनीक, एआई, रक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और अंतरिक्ष सहित कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी।


इसी दौरान राष्ट्रपति मिर्जियोयेव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उज्बेकिस्तान के सर्वोच्च राजकीय सम्मान ‘ओलीय दरजाली दोस्तलिक’ से सम्मानित किया। यह सम्मान दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने में प्रधानमंत्री मोदी के योगदान के लिए दिया गया।


दीर्घकालिक यूरेनियम आपूर्ति पर सहमति


भारत और उज्बेकिस्तान ने परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के साथ यूरेनियम की दीर्घकालिक आपूर्ति के लिए व्यवस्था स्थापित करने पर सहमति जताई। प्रधानमंत्री मोदी ने वार्ता के दौरान इस पहल की जानकारी दी। दोनों देशों के संयुक्त बयान में परमाणु ऊर्जा, खनन और महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता भी दर्ज की गई है।


एआई, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और UPI पर जोर


वार्ता में सूचना प्रौद्योगिकी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और UPI को भी प्रमुखता दी गई। दोनों देशों ने डिजिटल परिवर्तन, आईटी, एआई, अंतरिक्ष और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग को व्यापक बनाने पर सहमति जताई।


भारत और उज्बेकिस्तान के बीच UPI से जुड़े वाणिज्यिक सहयोग की दिशा में भी कदम बढ़ाया गया है। इसके तहत भारतीय UPI ऐप के माध्यम से उज्बेकिस्तान में व्यापारियों को भुगतान की सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में समझौता हुआ है।


GIFT City और ‘न्यू ताशकंद’ पर सहयोग


शहरी विकास और आधुनिक बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में भारत के गुजरात स्थित GIFT City और उज्बेकिस्तान के ‘न्यू ताशकंद’ विकास मॉडल पर भी चर्चा हुई। दोनों देशों ने शहरी विकास और आधुनिक शहरों से जुड़े अनुभवों को साझा करने की संभावनाओं पर जोर दिया। उज्बेकिस्तान के प्रतिनिधिमंडल के भारत आकर ऐसे विकास मॉडलों का अध्ययन करने की संभावना भी सामने आई।


2030 तक 5 अरब डॉलर व्यापार का लक्ष्य


दोनों देशों ने द्विपक्षीय व्यापार को वर्ष 2030 तक 5 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। व्यापार और निवेश के अलावा महत्वपूर्ण खनिज, खनन, रक्षा, स्वास्थ्य, फार्मास्यूटिकल्स, कृषि, शिक्षा और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति बनी।


विदेश मंत्री स्तर की समन्वय व्यवस्था


व्यापक रणनीतिक साझेदारी को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने के लिए दोनों देशों ने विदेश मंत्री स्तर पर एक समन्वय तंत्र स्थापित करने पर सहमति जताई है। इसके माध्यम से द्विपक्षीय समझौतों और प्राथमिक परियोजनाओं की निगरानी एवं क्रियान्वयन को गति देने का प्रयास किया जाएगा। संयुक्त आयोग को भी उच्च स्तर पर ले जाने और कारोबारी सहयोग बढ़ाने के लिए बिजनेस समिट आयोजित करने की दिशा में सहमति बनी है।


शिक्षा, संस्कृति और बौद्ध विरासत पर भी सहयोग


यात्रा के दौरान भारत और उज्बेकिस्तान ने संस्कृति, उच्च शिक्षा, शोध, पर्यटन और पारंपरिक चिकित्सा के क्षेत्र में कई समझौतों और पहलों को आगे बढ़ाया। उज्बेकिस्तान में प्राचीन बौद्ध स्थलों फयाज टेपा और कारा टेपा के संरक्षण एवं पुनरुद्धार के लिए भी सहयोग की दिशा में समझ बनी है। भारत ने अरल सागर क्षेत्र के पर्यावरणीय पुनर्वास के लिए 10 लाख अमेरिकी डॉलर के अनुदान की घोषणा भी की है।


प्रधानमंत्री मोदी ने उज्बेकिस्तान की स्वतंत्रता की 35वीं वर्षगांठ पर राष्ट्रपति मिर्जियोयेव और वहां की जनता को शुभकामनाएं दीं। दोनों देशों के नेताओं ने भारत-उज्बेकिस्तान संबंधों को नए स्तर पर ले जाने और आने वाले वर्षों में ठोस लक्ष्यों के साथ सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।


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