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मतदान दिवस पर पेड हॉलिडे अनिवार्य, सैलरी कटौती पर सख्त रोक

  • लेखक की तस्वीर: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • 3 अप्रैल
  • 2 मिनट पठन

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

नई दिल्ली। देश में आगामी विधानसभा चुनावों और उपचुनावों को लेकर चुनाव आयोग ने बड़ा फैसला लिया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदान के दिन सभी कर्मचारियों—चाहे वे स्थायी हों, दिहाड़ी मजदूर हों या कैज़ुअल कर्मचारी—को सवैतनिक अवकाश (पेड हॉलिडे) दिया जाएगा। इस दौरान यदि कोई कर्मचारी मतदान करने के लिए छुट्टी लेता है तो उसकी सैलरी में किसी प्रकार की कटौती नहीं की जा सकेगी।


चुनाव आयोग ने अपने आधिकारिक प्रेस नोट में बताया कि यह प्रावधान लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 135B के तहत लागू होता है। इसके अनुसार, किसी भी व्यवसाय, उद्योग, दुकान या अन्य संस्थान में कार्यरत प्रत्येक पात्र मतदाता को मतदान के दिन वेतन सहित अवकाश देना नियोक्ता की कानूनी जिम्मेदारी है।

आयोग ने साफ चेतावनी दी है कि यदि कोई नियोक्ता इस नियम का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी और जुर्माना लगाया जाएगा। यह व्यवस्था कर्मचारियों को बिना किसी दबाव के अपने मताधिकार का उपयोग करने के उद्देश्य से की गई है।


इन राज्यों में लागू होगा नियम

यह निर्णय पांच राज्यों—असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल—में होने वाले विधानसभा चुनावों पर लागू होगा। इसके अलावा गोवा, गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र, नागालैंड और त्रिपुरा की आठ विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनावों में भी यही नियम प्रभावी रहेगा| मतदान की तिथियां निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार:

9 अप्रैल 2026: असम, केरल, पुडुचेरी, गोवा, कर्नाटक, नागालैंड और त्रिपुरा

23 अप्रैल 2026: तमिलनाडु, गुजरात और महाराष्ट्र

पश्चिम बंगाल: 23 अप्रैल 2026 (पहला चरण) और 29 अप्रैल 2026 (दूसरा चरण)


बाहर काम करने वाले मतदाताओं को भी राहत

आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जो कर्मचारी अपने निर्वाचन क्षेत्र से बाहर कार्यरत हैं, लेकिन वहां मतदाता के रूप में पंजीकृत हैं, उन्हें भी मतदान के दिन पेड हॉलिडे का अधिकार मिलेगा ताकि वे अपने गृह क्षेत्र जाकर मतदान कर सकें।


राज्य सरकारों को निर्देश

चुनाव आयोग ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश जारी किए हैं कि इस नियम का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। संबंधित अधिकारियों को भी आवश्यक कदम उठाने को कहा गया है ताकि कोई भी मतदाता अपने अधिकार से वंचित न रह जाए।


4 मई को आएंगे नतीजे

इन सभी चुनावों और उपचुनावों के परिणाम 4 मई 2026 को घोषित किए जाएंगे। इस फैसले को लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है, जिससे अधिक से अधिक लोग बिना किसी आर्थिक दबाव के मतदान प्रक्रिया में भाग ले सकेंगे।

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