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 भारतार्थ खबर, नहीं उसका अर्थ

20अक्टूबर /2026 /मंगलवार

अलुवा,19 अक्टूबर 2026। कभी-कभी जीवन में सुनी गई कोई बात या देखा गया कोई वीडियो सोचने का नजरिया बदल देता है। केरल की अरुंधति के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक वीडियो से प्रेरित अरुंधति ने उन्हें हाथ से लिखा भावुक पत्र भेजकर अपनी शादी में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। उनकी शादी 20 दिसंबर 2026 को केरल के अलुवा में होनी है।

भारतार्थ लोगो: खबर नहीं, उसका अर्थ - राजनीतिक समाचार विश्लेषण

अलुवा,19 अक्टूबर 2026। कभी-कभी जीवन में सुनी गई कोई बात या देखा गया कोई वीडियो सोचने का नजरिया बदल देता है। केरल की अरुंधति के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक वीडियो से प्रेरित अरुंधति ने उन्हें हाथ से लिखा भावुक पत्र भेजकर अपनी शादी में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। उनकी शादी 20 दिसंबर 2026 को केरल के अलुवा में होनी है।

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मतदाता सूची अपडेट: 2002 का रिकॉर्ड नहीं? फिर भी भरें गणना प्रपत्र

लेखक की तस्वीर: धन्नाराम चौधरी
धन्नाराम चौधरी
17 जुल॰
2 मिनट पठन
Close-up of a man in a navy suit speaking and gesturing near a microphone against a plain beige background.
कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी वी. अंबु कुमार की अपील—2002 की मतदाता सूची में नाम न होने पर भी फॉर्म जमा करें, बाद में दस्तावेज़ सत्यापन का मिलेगा अवसर।

मतदाता सूची सत्यापन अभियान के दौरान गणना प्रपत्र भरते मतदाताओं की प्रतिनिधिक तस्वीर

भारतार्थ खबर | संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) बेंगलुरु | 17 जुलाई, 2026 मतदाता सूची अपडेट को लेकर कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) वी. अंबु कुमार ने राज्य के मतदाताओं से महत्वपूर्ण अपील की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी मतदाता का नाम वर्ष 2002 की मतदाता सूची में उपलब्ध नहीं है, तब भी उसे विशेष गहन संशोधन (Special Intensive Revision-SIR) के तहत गणना प्रपत्र (Enumeration Form) भरकर बूथ स्तरीय अधिकारी (BLO) को अवश्य जमा करना चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल पुराने रिकॉर्ड के अभाव में फॉर्म जमा करने में देरी करना उचित नहीं है।


वी. अंबु कुमार ने बताया कि गणना प्रपत्र में फोटो लगाकर, हस्ताक्षर कर और आवश्यक जानकारी भरकर जमा करने वाले मतदाताओं का नाम मसौदा मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा। इसके बाद यदि अतिरिक्त सत्यापन की आवश्यकता होगी, तो संबंधित निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO) द्वारा नोटिस जारी किया जाएगा। नोटिस मिलने के बाद मतदाता चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित 12 मान्य दस्तावेज़ों में से कोई एक प्रस्तुत कर सकेंगे, जिसके आधार पर नियमों के अनुसार सत्यापन किया जाएगा।


मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि वर्तमान चरण केवल गणना प्रपत्रों के संग्रह और डिजिटलीकरण का है। इस दौरान मतदाताओं को अपने नाम, पता, आयु, मोबाइल नंबर या अन्य व्यक्तिगत विवरणों में संशोधन कराने की आवश्यकता नहीं है।


उन्होंने बताया कि यदि किसी मतदाता को अपने रिकॉर्ड में सुधार करवाना है, तो वह मतदाता सूची का मसौदा प्रकाशित होने के बाद दावे और आपत्तियों की अवधि के दौरान आवेदन कर सकता है। चुनाव आयोग के संशोधित कार्यक्रम के अनुसार 17 अगस्त 2026 को मतदाता सूची का मसौदा प्रकाशित किया जाएगा, जबकि 16 सितंबर 2026 तक दावे, आपत्तियां और सुधार संबंधी आवेदन स्वीकार किए जाएंगे।


निर्वाचन विभाग का कहना है कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य अधिक से अधिक पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करना और मतदाता रिकॉर्ड को अद्यतन एवं पारदर्शी बनाना है। अधिकारियों ने सभी मतदाताओं से समय पर गणना प्रपत्र जमा करने और निर्वाचन प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की है।

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