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कर्नाटक अपार्टमेंट बिल 2026: फ्लैट मालिकों को मिलेगा साझा क्षेत्रों पर बड़ा अधिकार

  • Writer: धन्नाराम चौधरी
    धन्नाराम चौधरी
  • 4 days ago
  • 2 min read
High-rise apartment towers and cranes rise above green trees under a clear blue sky, with one building under construction.
प्रस्तावित विधेयक में क्लब हाउस, पार्किंग, स्विमिंग पूल और साझा सुविधाओं पर बिल्डरों का नियंत्रण सीमित, फ्लैट मालिकों को मजबूत कानूनी अधिकार।

कर्नाटक अपार्टमेंट/अपार्टमेंट परिसर की प्रतिनिधिक तस्वीर

भारतार्थ खबर | संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) बेंगलुरु | 17 जुलाई, 2026 कर्नाटक अपार्टमेंट बिल 2026 राज्य के लाखों फ्लैट मालिकों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। प्रस्तावित कर्नाटक अपार्टमेंट (स्वामित्व और प्रबंधन) विधेयक, 2026 का उद्देश्य साझा क्षेत्रों और सुविधाओं को लेकर वर्षों से चले आ रहे बिल्डर-फ्लैट मालिक विवादों को समाप्त करना है। यदि यह विधेयक लागू होता है तो फ्लैट मालिकों को परियोजना की भूमि और सभी साझा क्षेत्रों पर स्वतः अविभाजित स्वामित्व अधिकार प्राप्त होंगे।


विधेयक के अनुसार सीढ़ियां, लिफ्ट, गलियारे, क्लब हाउस, स्विमिंग पूल, पार्किंग, जल निकासी, सुरक्षा व्यवस्था, स्टाफ क्वार्टर और नवीकरणीय ऊर्जा से जुड़ी सुविधाएं साझा संपत्ति मानी जाएंगी। बिल्डर इन सुविधाओं पर निजी स्वामित्व तभी रख सकेंगे जब वे परियोजना से अलग भूखंड पर हों, स्वीकृत योजना में स्पष्ट रूप से दर्ज हों और खरीददारों को पहले से इसकी जानकारी दी गई हो।


प्रस्तावित कानून में यह भी स्पष्ट किया गया है कि किसी भी प्रमोटर, बिल्डर या अन्य व्यक्ति को साझा क्षेत्रों पर अनन्य नियंत्रण रखने, उनके उपयोग पर अनुचित प्रतिबंध लगाने या अतिरिक्त शुल्क वसूलने का अधिकार नहीं होगा। इससे फ्लैट मालिकों के अधिकार पहले की तुलना में कहीं अधिक मजबूत होंगे।


हालांकि, विशेषज्ञों ने कुछ प्रावधानों पर चिंता भी जताई है। कर्नाटक होम बायर्स फोरम का कहना है कि साझा क्षेत्रों का स्वामित्व सीधे फ्लैट मालिकों के नाम होना रियल एस्टेट (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2016 (RERA) की धारा 17 से अलग व्यवस्था बनाता है। उनका तर्क है कि हजारों फ्लैट मालिकों के नाम भूमि अभिलेखों में दर्ज करना व्यावहारिक रूप से कठिन होगा और इस पर सरकार को पुनर्विचार करना चाहिए।


पार्किंग को लेकर भी विधेयक महत्वपूर्ण बदलाव प्रस्तावित करता है। खुले, बेसमेंट, स्टिल्ट और पोडियम पार्किंग को साझा क्षेत्र माना जाएगा और इन्हें अलग संपत्ति के रूप में बेचने पर रोक रहेगी। केवल विधिवत पंजीकृत और अनुमोदित पार्किंग इकाइयों को ही निजी पार्किंग माना जाएगा। अपार्टमेंट एसोसिएशनों का सुझाव है कि पार्किंग उपयोग के लिए और अधिक स्पष्ट नियम जोड़े जाएं ताकि भविष्य में विवाद की संभावना समाप्त हो सके।


विशेषज्ञों का मानना है कि यह विधेयक पारदर्शिता बढ़ाने, फ्लैट खरीदारों के अधिकार सुरक्षित करने और बिल्डरों द्वारा साझा सुविधाओं के दुरुपयोग पर रोक लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।

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