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 भारतार्थ खबर, नहीं उसका अर्थ

21अक्टूबर /2026 /बुधवार

बेंगलुरु, 20 अक्टूबर 2026। बेंगलुरु में आयोजित 48वें दशहरा महोत्सव में राज्यसभा सांसद लहर सिंह सिरोया ने मां दुर्गा के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और आशीर्वाद प्राप्त किया। सिद्धार्थ सांस्कृतिक समिति एवं राजेंद्र बाबू मेमोरियल ट्रस्ट ‘बिहार भवन’ के तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव में सांसद की उपस्थिति रही। इस अवसर पर समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों ने मां भगवती की चुनड़ी ओढ़ाकर उनका स्वागत एवं अभिनंदन किया।

भारतार्थ लोगो: खबर नहीं, उसका अर्थ - राजनीतिक समाचार विश्लेषण

बेंगलुरु, 20 अक्टूबर 2026। बेंगलुरु में आयोजित 48वें दशहरा महोत्सव में राज्यसभा सांसद लहर सिंह सिरोया ने मां दुर्गा के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और आशीर्वाद प्राप्त किया। सिद्धार्थ सांस्कृतिक समिति एवं राजेंद्र बाबू मेमोरियल ट्रस्ट ‘बिहार भवन’ के तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव में सांसद की उपस्थिति रही। इस अवसर पर समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों ने मां भगवती की चुनड़ी ओढ़ाकर उनका स्वागत एवं अभिनंदन किया।

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बेंगलुरु में संपत्ति कर प्रक्रिया होगी आसान

लेखक की तस्वीर: धन्ना राम चौधरी
धन्ना राम चौधरी
18 अप्रैल
2 मिनट पठन

भारतार्थ खबर, बेंगलुरु संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

बेंगलुरु। बहुमंजिला अपार्टमेंट के निवासियों की बढ़ती शिकायतों के बाद ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (जीबीए) ने संपत्ति कर संग्रह प्रणाली को सरल बनाने का फैसला किया है। जीबीए प्रमुख एम. महेश्वर राव ने स्पष्ट किया कि मौजूदा प्रक्रिया में सुधार कर इसे अधिक पारदर्शी और उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाया जाएगा।


दरअसल, हाल ही में संपत्ति कर भुगतान फॉर्म में अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े नए प्रश्न जोड़े गए थे, जिससे अपार्टमेंट मालिकों और निवासियों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो गई। खासतौर पर बड़े अपार्टमेंट परिसरों को “थोक अपशिष्ट उत्पादक” के रूप में वर्गीकृत किए जाने के बाद उन्हें यह बताना अनिवार्य किया गया कि वे अपने कचरे का प्रबंधन कैसे करते हैं और गीले, सूखे तथा स्वच्छता संबंधी कचरे की मात्रा कितनी है। इस जटिल प्रक्रिया को लेकर सामने आई परेशानियों को स्वीकार करते हुए महेश्वर राव ने कहा, “हमें कई शिकायतें प्राप्त हुई हैं। यह प्रणाली सुगम लेनदेन के उद्देश्य से बनाई गई थी, लेकिन इसमें कुछ व्यावहारिक कठिनाइयाँ सामने आई हैं। हम इन मुद्दों की समीक्षा कर प्रक्रिया को सरल बनाएंगे।”

विशेषज्ञों का मानना है कि अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर जवाबदेही तय करना शहर की स्वच्छता के लिए जरूरी है, लेकिन इसके साथ ही करदाताओं के लिए प्रक्रिया का सहज होना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। जीबीए अब इसी संतुलन को ध्यान में रखते हुए नए सुधारों पर काम कर रहा है। इसी के साथ शहर की सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्राधिकरण ने मशीनीकरण पर भी जोर दिया है। महेश्वर राव ने बताया कि सड़कों की सफाई के लिए आधुनिक मशीनों की तैनाती की जाएगी, ताकि पौराकर्मिकों पर काम का बोझ कम हो सके और सफाई कार्य अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सके।


उन्होंने यह भी जानकारी दी कि अवैध पार्किंग पर नियंत्रण के लिए टोइंग अभियान को और सख्ती से लागू किया जाएगा। कुछ निगम क्षेत्रों में शुरू हो चुका यह अभियान अगले सप्ताह से जीबीए के सभी क्षेत्रों में विस्तारित किया जाएगा। पौराकर्मिकों को आने वाली चुनौतियों—जैसे भारी कार्यभार और ट्रैफिक बाधाओं—का उल्लेख करते हुए राव ने कहा कि मशीनीकृत सफाई ही भविष्य का समाधान है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि वर्तमान में उपयोग में लाई जा रही कई मशीनें अब पहले जितनी प्रभावी नहीं रही हैं, इसलिए नई तकनीक और बेहतर सिस्टम विकसित करने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। शहर की तेजी से बढ़ती आबादी और शहरीकरण के बीच जीबीए का यह कदम न केवल करदाताओं को राहत देने वाला माना जा रहा है, बल्कि बेंगलुरु को स्वच्छ और सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल भी साबित हो सकता है।

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