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बिहार पॉलिटिक्स: 26 अप्रैल के बाद नई सरकार? BJP-JDU CM की रेस तेज़

  • Writer: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • Mar 20
  • 2 min read

Updated: Mar 23

फाइल फोटो

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

पटना। बिहार की राजनीति इन दिनों तेज़ी से करवट लेती नजर आ रही है। राज्य में 26 अप्रैल के बाद नई सरकार बनने की चर्चाओं ने सियासी गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। अटकलें हैं कि संभावित नई सरकार में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से मुख्यमंत्री और जनता दल (यूनाइटेड) (जेडीयू) से दो उपमुख्यमंत्री बनाए जा सकते हैं। इस बीच, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की भूमिका और आगे की रणनीति को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।


सदस्यता को लेकर बढ़ी हलचल

सूत्रों के अनुसार, नीतीश कुमार को 30 मार्च तक राज्यसभा या विधान परिषद की अपनी सदस्यता को लेकर निर्णय लेना होगा। इस संवैधानिक बाध्यता ने भी राजनीतिक गतिविधियों को तेज कर दिया है और इससे सत्ता समीकरणों में बदलाव की संभावनाओं को बल मिला है।


सीएम पद को लेकर नए चेहरे की चर्चा

इसी बीच बिहार सरकार में खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभालने की इच्छा जताकर सियासी चर्चाओं को और हवा दे दी है। उनके इस बयान को पार्टी के भीतर नेतृत्व परिवर्तन की संभावनाओं के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।


सम्राट चौधरी पर इशारा या दबाव की राजनीति?

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, नीतीश कुमार द्वारा उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की ओर इशारा करना भी कई मायनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसे बीजेपी पर दबाव बनाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है, ताकि सत्ता में संतुलन और भागीदारी को लेकर जेडीयू अपनी स्थिति मजबूत कर सके।


‘नीतीश मॉडल’ पर कायम जेडीयू

इन तमाम अटकलों के बीच जेडीयू अपने ‘नीतीश मॉडल’ पर कायम नजर आ रही है। पार्टी का मानना है कि विकास और सुशासन के एजेंडे पर ही आगे बढ़ते हुए राजनीतिक निर्णय लिए जाएंगे। हालांकि, बदलते समीकरणों के बीच यह देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी नेतृत्व किस दिशा में आगे बढ़ता है।


आगे क्या?

बिहार की राजनीति में आने वाले कुछ दिन बेहद अहम माने जा रहे हैं। 30 मार्च की समयसीमा और 26 अप्रैल के बाद संभावित सरकार गठन की चर्चा ने राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि बीजेपी और जेडीयू के बीच अंतिम सहमति किस रूप में बनती है और राज्य को अगला मुख्यमंत्री कौन मिलता है।

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