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क्या BJP दिनहाटा जीत पाएगी? बंगाल की इन अहम सीटों पर रहेगी कड़ी नज़र

  • लेखक की तस्वीर: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • 20 मार्च
  • 2 मिनट पठन

अपडेट करने की तारीख: 23 मार्च

फाइल फोटो

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की तारीखों के ऐलान के साथ ही राज्य में सियासी तापमान तेज हो गया है। सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और मुख्य विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अधिकांश सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है और चुनाव प्रचार भी जोर पकड़ चुका है। इस बार कुछ ऐसी सीटें चर्चा के केंद्र में हैं, जहां पिछली बार बेहद मामूली अंतर से जीत-हार तय हुई थी। इन सीटों पर बीजेपी के लिए जीत दोहराना बड़ी चुनौती माना जा रहा है।


दिनहाटा: 57 वोटों की सांस रोक देने वाली जीत

कूचबिहार जिले की दिनहाटा सीट 2021 में सबसे ज्यादा चर्चित रही थी। यहां बीजेपी के नीतिश प्रमाणिक ने टीएमसी के उदयन गुहा को महज 57 वोटों से हराया था। इस बार बीजेपी ने अजय रॉय को मैदान में उतारा है, जबकि टीएमसी ने एक बार फिर उदयन गुहा पर भरोसा जताया है। बेहद कम अंतर के कारण यह सीट फिर से हाई-वोल्टेज मुकाबले का केंद्र बन गई है।


बलरामपुर: 423 वोटों का फासला

पुरुलिया जिले की बलरामपुर सीट पर भी 2021 में करीबी मुकाबला देखने को मिला था। बीजेपी के बानेश्वर महतो ने टीएमसी के शांतिराम महतो को 423 वोटों से हराया था। इस बार बीजेपी ने जलधर महतो को टिकट दिया है, जबकि टीएमसी ने शांतिराम महतो को फिर मौका दिया है। जातीय समीकरण और स्थानीय मुद्दे यहां निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।


कुल्टी: औद्योगिक क्षेत्र में कड़ा संघर्ष

पश्चिम बर्दवान जिले की कुल्टी सीट पर बीजेपी के अजय कुमार पोद्दार ने 2021 में टीएमसी के उजाल चटर्जी को 679 वोटों से मात दी थी। इस बार भी बीजेपी ने पोद्दार को दोबारा उम्मीदवार बनाया है, जबकि टीएमसी ने अभिजीत घाटक को मैदान में उतारा है। औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण यहां रोजगार और विकास प्रमुख मुद्दे बने हुए हैं।


घाटल (एससी): 966 वोटों की बढ़त

पश्चिम मेदिनीपुर की घाटल (एससी) आरक्षित सीट पर बीजेपी के शीतल कपाट ने 2021 में टीएमसी के शंकर दोलाई को 966 वोटों से हराया था।इस बार भी कपाट मैदान में हैं, जबकि टीएमसी ने श्यामली सरदार को उम्मीदवार बनाया है। यहां सामाजिक समीकरण और कल्याणकारी योजनाओं का असर अहम माना जा रहा है।


चुनाव कार्यक्रम और सियासी तस्वीर

चुनाव आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार राज्य में पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल 2026 और दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल 2026 को होगा। मतगणना 4 मई 2026 को की जाएगी।


2021 के चुनाव में टीएमसी ने 213 सीटों के साथ प्रचंड बहुमत हासिल किया था, जबकि बीजेपी को 77 सीटों से संतोष करना पड़ा था। इस बार बीजेपी इन करीबी सीटों को बचाने के साथ-साथ अपने प्रदर्शन में सुधार की कोशिश में है।


अन्य हाई-वोल्टेज सीटें भी चर्चा में

इसके अलावा दंतान, तमलुक, जलपाईगुड़ी, महिषादल और बैष्णबनगर जैसी सीटें भी ऐसी रही हैं, जहां पिछले चुनाव में कड़ा मुकाबला हुआ था। इन क्षेत्रों में भी दोनों दलों के बीच सीधी टक्कर की संभावना है।


पश्चिम बंगाल का चुनाव इस बार भी बेहद दिलचस्प और मुकाबले वाला होने जा रहा है। खासकर वे सीटें जहां जीत का अंतर सैकड़ों या दर्जनों वोटों में सिमटा था, वहां हर वोट की कीमत बढ़ गई है। ऐसे में दिनहाटा, बलरामपुर, कुल्टी और घाटल सीटें बीजेपी के लिए असली ‘अग्निपरीक्षा’ साबित हो सकती हैं।

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