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बिहार की सियासत में नई हलचल: क्या सम्राट चौधरी होंगे नीतीश के उत्तराधिकारी? मांझी के बयान से अटकलें तेज

  • Writer: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • Mar 20
  • 2 min read

Updated: Mar 23

फाइल फोटो

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

पटना। बिहार की राजनीति में एक बार फिर उत्तराधिकार को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) के संस्थापक और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने गुरुवार को अपने पटना स्थित आवास पर आयोजित इफ्तार पार्टी के दौरान एक बड़ा संकेत दिया, जिससे राज्य के अगले मुख्यमंत्री को लेकर सियासी गलियारों में हलचल बढ़ गई है।


इफ्तार कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार, विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह सहित एनडीए के कई वरिष्ठ नेता और मंत्री मौजूद रहे। इस दौरान जब राज्य के अगले मुख्यमंत्री को लेकर सवाल किया गया, तो मांझी ने कहा कि उन्हें लगता है कि सम्राट चौधरी, नीतीश कुमार की पसंद हो सकते हैं।


मांझी ने कहा, “नीतीश कुमार एक पारदर्शी नेता हैं। वे जो सोचते हैं, वही करते हैं, भले ही उसे सार्वजनिक रूप से न कहें। अगर वे किसी दिशा में संकेत दे रहे हैं, तो उससे पीछे हटने की संभावना कम होती है।” उन्होंने अपने अनुभव का हवाला देते हुए बताया कि उन्हें भी मुख्यमंत्री पद के लिए स्वयं नीतीश कुमार ने ही चुना था।


यह बयान ऐसे समय आया है, जब बिहार में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर लगातार अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि, जदयू या एनडीए की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।


तेजस्वी पर निशाना, विपक्ष पर सवाल

इसी मौके पर हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्य सरकार में मंत्री संतोष कुमार सुमन ने विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव चुनावी हार के बाद राजनीति से दूरी बना लेते हैं, जो लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है। सुमन ने कहा, “लोकतंत्र में मजबूत विपक्ष जरूरी होता है, लेकिन हार को स्वीकार करने का साहस भी होना चाहिए।”


‘समृद्धि यात्रा’ पर जदयू का जोर

दूसरी ओर, जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने मुख्यमंत्री की ‘समृद्धि यात्रा’ को लेकर सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि इस यात्रा के माध्यम से मुख्यमंत्री सीधे जनता से संवाद स्थापित कर रहे हैं और विकास योजनाओं की समीक्षा कर रहे हैं।


कुशवाहा ने दावा किया कि पिछले दो दशकों में नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार ने विकास के कई नए आयाम स्थापित किए हैं। उन्होंने कहा कि कभी ‘बीमारू राज्य’ की श्रेणी में शामिल बिहार अब तेजी से प्रगति की राह पर आगे बढ़ रहा है।


राजनीतिक संकेत या रणनीति?

मांझी के बयान को राजनीतिक विश्लेषक भविष्य की रणनीति के संकेत के रूप में देख रहे हैं। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि यह व्यक्तिगत राय है या एनडीए के भीतर किसी संभावित नेतृत्व परिवर्तन की भूमिका तैयार की जा रही है।


फिलहाल, बिहार की राजनीति में यह मुद्दा चर्चा का केंद्र बना हुआ है और आने वाले समय में इस पर और स्पष्टता आने की संभावना है।

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