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मिजोरम विधानसभा में ऐतिहासिक फैसला: बहुविवाह पर रोक और महिलाओं के अधिकारों को मजबूत करने सहित 10 विधेयक पारित

  • Writer: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • Mar 19
  • 2 min read

Updated: Mar 23

फाइल फोटो

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

आइजोल। मिजोरम विधानसभा के 28 दिवसीय बजट सत्र के दौरान राज्य की राजनीति और सामाजिक ढांचे से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए। सत्र के समापन पर सदन ने सर्वसम्मति से 10 महत्वपूर्ण सरकारी विधेयकों को पारित किया, जिनमें बहुविवाह पर रोक लगाने और महिलाओं के अधिकारों को सशक्त करने वाला विधेयक प्रमुख रहा।


विधानसभा अध्यक्ष लालबियाकजामा ने सोमवार देर रात सत्र को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा की। उन्होंने 17 फरवरी से शुरू हुए इस बजट सत्र की कार्यवाही का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत करते हुए बताया कि सत्र अत्यंत फलदायी और नीति निर्धारण के लिहाज से महत्वपूर्ण रहा।


सत्र के दौरान पारित विधेयकों में ‘मिजो विवाह और संपत्ति का उत्तराधिकार (संशोधन) विधेयक, 2026’ विशेष चर्चा का केंद्र रहा। इस विधेयक के माध्यम से राज्य में बहुविवाह पर प्रतिबंध लगाने का प्रावधान किया गया है। साथ ही महिलाओं को संपत्ति में अधिक अधिकार प्रदान कर लैंगिक समानता को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है।


इसके अतिरिक्त सदन ने ‘मिजोरम (सार्वजनिक भूमि अतिक्रमण निवारण) विधेयक, 2026’ को मंजूरी देकर भूमि अतिक्रमण की समस्या से निपटने के लिए सख्त प्रावधान किए हैं। वहीं ‘मिजोरम राज्य विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2026’ के जरिए उच्च शिक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने का प्रयास किया गया है।


सत्र की एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में विधानसभा ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार से मिजो भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग की। यह कदम राज्य की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दिलाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।


राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इस बजट सत्र में पारित विधेयक सामाजिक सुधार, महिला सशक्तिकरण और प्रशासनिक सुधारों की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकते हैं।

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