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बिहार में सत्ता परिवर्तन: आज तय होगा नया मुख्यमंत्री

  • Writer: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • Apr 14
  • 2 min read

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

पटना। बिहार की राजनीति आज एक ऐतिहासिक मोड़ पर खड़ी है, जहां लंबे समय से प्रदेश की सत्ता के केंद्र में रहे नीतीश कुमार के युग के अंत के साथ ही नए नेतृत्व का चयन होने जा रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज अपनी अंतिम कैबिनेट बैठक के बाद राज्यपाल को इस्तीफा सौंप सकते हैं, जिससे राज्य में नई सरकार के गठन का मार्ग प्रशस्त होगा।


सूत्रों के अनुसार, सुबह 11 बजे होने वाली कैबिनेट बैठक के तुरंत बाद नीतीश कुमार सैयद अता हसनैन से मुलाकात कर औपचारिक रूप से अपना इस्तीफा देंगे। इसके बाद वे शाम 4 बजे बिहार विधानसभा के सेंट्रल हॉल में आयोजित राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की बैठक में शामिल होंगे। इस बीच, भाजपा विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक दोपहर 3 बजे प्रदेश कार्यालय में आयोजित की जाएगी, जिसमें केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में शिवराज सिंह चौहान की मौजूदगी रहेगी। इसी बैठक में पार्टी अपने नेता का चयन करेगी, जो आगे चलकर मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।

भाजपा प्रदेश नेतृत्व ने संकेत दिए हैं कि स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार बिहार में भाजपा का कोई नेता मुख्यमंत्री पद संभाल सकता है। पार्टी के शीर्ष नेताओं की सक्रियता और केंद्रीय नेतृत्व की भूमिका इस चयन को और भी महत्वपूर्ण बना रही है। अंतिम निर्णय को लेकर कौतुहल बना हुआ है, जिससे किसी नए या अप्रत्याशित चेहरे के उभरने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।


15 अप्रैल को शपथ ग्रहण संभव

गृह विभाग के सूत्रों के मुताबिक, नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 15 अप्रैल 2026 को सुबह 11 बजे पटना स्थित लोक भवन में आयोजित किया जा सकता है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी या केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। समारोह की तैयारियों को लेकर प्रशासनिक स्तर पर व्यापक समीक्षा भी की जा चुकी है।


विधायकों को सख्त निर्देश

भाजपा आलाकमान ने सभी विधायकों, विशेषकर पश्चिम बंगाल चुनाव प्रचार में लगे जनप्रतिनिधियों को तत्काल पटना पहुंचने के निर्देश दिए हैं। एनडीए के सभी 202 विधायकों को 14 और 15 अप्रैल को राजधानी में उपस्थित रहने के लिए कहा गया है, ताकि नेतृत्व चयन और शपथ ग्रहण की प्रक्रिया सुचारू रूप से संपन्न हो सके।


मजबूत बहुमत के साथ एनडीए तैयार

243 सदस्यीय बिहार विधानसभा में एनडीए के पास 202 सीटों का स्पष्ट बहुमत है। भाजपा 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी है, जबकि जेडीयू के पास 85 सीटें हैं। अन्य सहयोगी दलों के समर्थन से गठबंधन पूरी मजबूती के साथ नई सरकार बनाने की स्थिति में है।


राजनीतिक और भावनात्मक क्षण

इस सत्ता परिवर्तन को भाजपा और एनडीए के लिए जहां एक ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है, वहीं नीतीश कुमार के लंबे राजनीतिक कार्यकाल के कारण यह क्षण भावनात्मक भी माना जा रहा है। पार्टी नेताओं का मानना है कि नीतीश कुमार आगे भी नई सरकार को मार्गदर्शन देते रहेंगे।


संभावित कार्यक्रम:

सुबह 11 बजे: कैबिनेट बैठक

बैठक के बाद: राज्यपाल को इस्तीफा

दोपहर 3 बजे: भाजपा विधायक दल की बैठक

शाम 4 बजे: एनडीए विधायक दल की बैठक

15 अप्रैल, सुबह 11 बजे: शपथ ग्रहण समारोह

बिहार की राजनीति में यह बदलाव न केवल सत्ता के समीकरणों को प्रभावित करेगा, बल्कि आने वाले समय में प्रदेश की विकास दिशा और राजनीतिक स्थिरता को भी नई दिशा

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