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बिदादी किसानों के साथ BJP का पूरा समर्थन, विजयेंद्र बोले—जमीन बचाने से समझौता नहीं

  • लेखक की तस्वीर: धन्नाराम चौधरी
    धन्नाराम चौधरी
  • 11 अग॰
  • 4 मिनट पठन
सड़क पर तिरंगा रैली में सफेद कपड़ों में लोग झंडे लहराते, आगे मुस्कुराते नेता; नीचे फाइल फोटो।

बिदादी से लेकर पूरे कर्नाटक तक किसानों की जमीन के मुद्दे पर संघर्ष जारी रखने का ऐलान; नागेंद्र की कैबिनेट वापसी पर भी कांग्रेस सरकार को घेरा


भारतार्थ खबर। संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) बेंगलुरु | 10 अगस्त 2026 बेंगलुरु। बिदादी के किसानों की जमीन और उनके अधिकारों को लेकर कर्नाटक की राजनीति में सियासी गर्मी बढ़ गई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने स्पष्ट किया है कि BJP किसानों के संघर्ष के साथ मजबूती से खड़ी है और किसानों की जमीन बचाने के मुद्दे पर किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि BJP और JDS के लिए किसानों के हितों की रक्षा एक साझा उद्देश्य है।


विजयेंद्र ने बिदादी पदयात्रा को लेकर किसी भी तरह के भ्रम से इनकार करते हुए कहा कि BJP का किसानों के संघर्ष को समर्थन जारी रहेगा। उनके अनुसार, पिछले सप्ताह उन्होंने JDS नेता और पूर्व मुख्यमंत्री एच.डी. कुमारस्वामी से फोन पर बातचीत की थी और BJP-JDS की संयुक्त पदयात्रा की संभावना पर चर्चा हुई थी। बाद में JDS ने पदयात्रा की तारीख घोषित कर दी।

विजयेंद्र के मुताबिक, पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से चर्चा के बाद यह निर्णय लिया गया कि BJP पदयात्रा को प्रतीकात्मक समर्थन देगी और किसानों के मुद्दे को सदन के भीतर भी मजबूती से उठाएगी। उन्होंने कहा कि उनके पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों के कारण वे स्वयं पदयात्रा में शामिल नहीं हो सके।


बिदादी किसानों के मुद्दे पर BJP का रुख स्पष्ट


बी.वाई. विजयेंद्र ने कहा कि बिदादी के किसानों की जमीन से जुड़े मुद्दे पर BJP के रुख में कोई बदलाव नहीं आया है। उन्होंने कहा कि किसानों की जमीन, उनके अधिकार और आजीविका की सुरक्षा पार्टी की प्राथमिकताओं में शामिल है।


उन्होंने बताया कि BJP के नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक सहित पार्टी के अन्य नेताओं ने पदयात्रा को प्रतीकात्मक रूप से समर्थन दिया है। विजयेंद्र ने कहा कि किसानों के संघर्ष को केवल बिदादी तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि राज्य के विभिन्न हिस्सों में किसानों की जमीन से जुड़े मामलों को भी उठाया जाएगा।

उनका कहना है कि बिदादी के अलावा एयरपोर्ट और अन्य विकास परियोजनाओं से जुड़े भूमि विवादों में भी किसानों के हितों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए।


सरकार पर किसानों पर दबाव डालने का आरोप

सफेद कपड़ों में लोग भारतीय झंडे लहराते, माला पहने प्रतिमा के सामने; सड़क पर उत्साही भीड़, बोर्ड पर फाइल फोटो।

BJP प्रदेश अध्यक्ष ने राज्य सरकार पर बिदादी में आंदोलन कर रहे किसानों पर दबाव डालने का आरोप भी लगाया। विजयेंद्र ने दावा किया कि उन्हें ऐसी जानकारी मिली है कि मुआवजे की पेशकश के माध्यम से आंदोलन में सक्रिय कुछ किसानों को संघर्ष से अलग करने का प्रयास किया जा रहा है।

हालांकि, ये आरोप BJP प्रदेश अध्यक्ष के दावे हैं और इन पर सरकार का पक्ष सामने आना महत्वपूर्ण होगा।

विजयेंद्र ने कहा कि संबंधित मंत्रियों के सामने भी यह विषय रखा गया है। उन्होंने दोहराया कि BJP किसानों की जमीन से जुड़े मामलों में पीछे नहीं हटेगी और किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए राजनीतिक तथा लोकतांत्रिक स्तर पर संघर्ष जारी रखेगी।


शिडलाघट्टा में जमीन अधिग्रहण पर भी सवाल


चिक्कबल्लापुर दौरे का उल्लेख करते हुए विजयेंद्र ने कहा कि शिडलाघट्टा में KIADB द्वारा किसानों की जमीन लिए जाने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों की जमीन लेने के लिए दबाव बनाया जा रहा है।

BJP प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि किसानों की सहमति, अधिकारों और उचित प्रक्रिया से जुड़े सवालों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने चेतावनी दी कि किसानों की जमीन छीनने की किसी भी कोशिश को BJP स्वीकार नहीं करेगी।


नागेंद्र की कैबिनेट में वापसी पर कांग्रेस को घेरा


विजयेंद्र ने पूर्व मंत्री बी. नागेंद्र की कैबिनेट में वापसी को लेकर भी कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि नागेंद्र पर अनुसूचित जनजातियों के विकास से जुड़े धन के कथित दुरुपयोग को लेकर गंभीर आरोप हैं और ऐसे समय में उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल किया जाना उचित नहीं है।


यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि नागेंद्र से जुड़े भ्रष्टाचार और धन के कथित दुरुपयोग के आरोप न्यायिक प्रक्रिया का विषय हैं और आरोप सिद्ध होना बाकी है। विजयेंद्र ने इन्हीं आरोपों का हवाला देते हुए सरकार से सवाल किया कि जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने से पहले उन्हें दोबारा मंत्रिमंडल में शामिल करने का निर्णय क्यों लिया गया।

BJP प्रदेश अध्यक्ष ने मांग की कि नागेंद्र को मंत्रिमंडल से हटाया जाए। उन्होंने कहा कि पार्टी इस मुद्दे को विधानसभा के भीतर भी उठाएगी और अनुसूचित जनजाति समुदाय के अधिकारों तथा उनके विकास के लिए आवंटित धन की सुरक्षा का मुद्दा राज्यभर में उठाती रहेगी।


बिना पोर्टफोलियो के मंत्रियों को लेकर भी हमला


विजयेंद्र ने राज्य सरकार के प्रशासनिक कामकाज पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्रिमंडल विस्तार के बावजूद महत्वपूर्ण विभागों का स्पष्ट बंटवारा नहीं होने से प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है।

उन्होंने विशेष रूप से कृषि, राजस्व और बागवानी विभागों का उल्लेख करते हुए कहा कि किसानों के सामने सूखा, बारिश की कमी, फसल नुकसान और आर्थिक संकट जैसी चुनौतियां हैं। ऐसे समय में संबंधित विभागों को पूरी क्षमता के साथ काम करना चाहिए।

उन्होंने सरकार से जल्द से जल्द विभागों का स्पष्ट आवंटन करने और प्रशासनिक व्यवस्था को प्रभावी बनाने की मांग की।


मुख्यमंत्री पर दिल्ली की राजनीति को लेकर निशाना


BJP प्रदेश अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि राज्य की समस्याओं के बीच उनका ध्यान दिल्ली की राजनीति पर अधिक है।

विजयेंद्र ने कहा कि जब किसान सूखे और फसल संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं तथा जमीन अधिग्रहण से जुड़े मुद्दे सामने आ रहे हैं, तब राज्य सरकार को प्रशासन पर पूरा ध्यान देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं के समाधान, भूमि विवादों और राज्य के प्रशासनिक कामकाज के लिए सरकार को स्पष्ट प्राथमिकताएं तय करनी चाहिए।


BJP ने संघर्ष जारी रखने का किया ऐलान


बी.वाई. विजयेंद्र ने अपने बयान में दो प्रमुख मुद्दों—बिदादी किसानों की जमीन और अनुसूचित जनजातियों के अधिकार—पर BJP का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि पार्टी किसानों की जमीन से जुड़े मुद्दों को लेकर पीछे नहीं हटेगी और किसानों के हितों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी।

बिदादी में किसानों की जमीन का मुद्दा अब केवल स्थानीय आंदोलन तक सीमित नहीं रह गया है। BJP और JDS के रुख, राज्य सरकार की भूमि नीति और आगामी राजनीतिक गतिविधियों के बीच यह मुद्दा कर्नाटक की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

आने वाले दिनों में सरकार की ओर से इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया आती है और बिदादी किसानों के आंदोलन को लेकर BJP-JDS के बीच किस स्तर पर समन्वय होता है, यह राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण रहेगा।

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