बंगाल में गरजा भाजपा का अभियान, मोदी का ममता पर तीखा प्रहार
- धन्ना राम चौधरी

- 12 अप्रैल
- 2 मिनट पठन

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)
कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र भारतीय जनता पार्टी ने अपने चुनावी प्रचार अभियान को पूरी ताकत के साथ तेज कर दिया है। केरल, असम और पुडुचेरी में मतदान प्रक्रिया के बाद अब पार्टी का फोकस पूरी तरह बंगाल और तमिलनाडु पर केंद्रित हो गया है। तमिलनाडु में सीमित सीटों पर चुनाव लड़ रही भाजपा ने बंगाल को अपनी रणनीति का केंद्र बनाया है, जहां राजनीतिक मुकाबला बेहद दिलचस्प और निर्णायक दौर में पहुंच चुका है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को राज्य के विभिन्न हिस्सों में ताबड़तोड़ रैलियां कर चुनावी माहौल को और गर्म कर दिया। उन्होंने पूर्वी वर्धमान जिले के कटवा, मुर्शिदाबाद के जंगीपुर और दक्षिण दिनाजपुर के कुशमंडी में जनसभाओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। कटवा की रैली में मोदी ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि “बंगाल की धरती ने हमेशा अहंकार को खत्म किया है—चाहे वह अंग्रेजों का रहा हो, कांग्रेस का या वामपंथियों का। अब तृणमूल कांग्रेस के अहंकार की बारी है।” उन्होंने विश्वास जताया कि राज्य की जनता इस बार बदलाव के पक्ष में निर्णायक मतदान करेगी। प्रधानमंत्री ने अवैध घुसपैठ का मुद्दा उठाते हुए कहा कि “घुसपैठियों को अब बोरिया-बिस्तर बांध लेना चाहिए, क्योंकि बंगाल में उनका समय समाप्त होने वाला है।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भाजपा राज्य में चल रही जनकल्याणकारी योजनाओं को बंद नहीं करेगी, बल्कि भ्रष्टाचार और कथित लूट की व्यवस्था को खत्म करेगी। मुर्शिदाबाद के जंगीपुर, जो कि मुस्लिम बहुल क्षेत्र माना जाता है, वहां मोदी ने तृणमूल कांग्रेस पर “महाजंगलराज” स्थापित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा का घोषणापत्र राज्य में सुशासन और विकास का स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत करता है। “जब बंगाल बदलाव का संकल्प लेता है, तो कोई भी ताकत उसे रोक नहीं सकती,” उन्होंने जोर देकर कहा।
दक्षिण दिनाजपुर के कुशमंडी में अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि पार्टी उनके खिलाफ अपशब्दों और झूठे आरोपों का सहारा ले रही है, लेकिन जनता को पिछले 15 वर्षों के विकास का हिसाब देने से बच रही है। उन्होंने कोलकाता में फुटबॉल से जुड़े एक पुराने विवाद का जिक्र करते हुए राज्य सरकार पर खेल प्रबंधन में भी अनियमितताओं के आरोप लगाए। प्रधानमंत्री ने दावा किया कि भाजपा की रैलियों में उमड़ रही भीड़ आगामी चुनाव परिणामों का संकेत है और चार मई को राज्य में एक नई राजनीतिक तस्वीर देखने को मिलेगी। पश्चिम बंगाल में सियासी संग्राम अब अपने चरम पर पहुंच चुका है, जहां भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच सीधी टक्कर ने चुनाव को बेहद रोचक बना दिया है। आने वाले दिनों में शीर्ष नेताओं की और अधिक रैलियों से चुनावी तापमान और बढ़ने की पूरी संभावना है।
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