फास्टैग नियम हुए सख्त: 72 घंटे में टोल न चुकाया तो देना होगा दोगुना शुल्क
- धन्ना राम चौधरी

- 19 मार्च
- 2 मिनट पठन
अपडेट करने की तारीख: 20 मार्च

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी।
नई दिल्ली | हाईवे पर सफर करने वाले वाहन चालकों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। केंद्र सरकार ने फास्टैग व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से नए सख्त नियम लागू किए हैं। अब टोल प्लाजा पर यदि किसी कारणवश फास्टैग से भुगतान नहीं हो पाता है, तो वाहन मालिक को निर्धारित समय सीमा के भीतर बकाया राशि का भुगतान करना अनिवार्य होगा, अन्यथा उसे दोगुना जुर्माना भरना पड़ेगा।
नए प्रावधानों के अनुसार, यदि कोई वाहन बैरियर-फ्री टोल प्लाजा से बिना भुगतान किए गुजर जाता है, तो उसे 72 घंटे के भीतर टोल शुल्क जमा करना होगा। निर्धारित समय सीमा में भुगतान नहीं करने पर संबंधित वाहन मालिक से मूल टोल राशि का दोगुना शुल्क वसूला जाएगा। इस व्यवस्था को ‘अवैतनिक उपयोगकर्ता शुल्क’ के तहत लागू किया गया है।
सरकार के अनुसार, यह कदम उन मामलों पर अंकुश लगाने के लिए उठाया गया है, जहां वाहन चालक जानबूझकर या तकनीकी कारणों का लाभ उठाकर बिना भुगतान किए टोल पार कर जाते हैं। संशोधित नियम राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क प्रावधानों में बदलाव के तहत लागू किए गए हैं, जिससे डिजिटल टोल संग्रह प्रणाली को और मजबूत बनाया जा सके।
नई व्यवस्था में टोल एजेंसियों की जिम्मेदारी भी तय की गई है। यदि किसी उपभोक्ता द्वारा की गई शिकायत पर टोल एजेंसी पांच दिनों के भीतर उचित कार्रवाई नहीं करती है, तो संबंधित बकाया टोल की मांग स्वतः समाप्त हो जाएगी। इससे उपभोक्ताओं को अनावश्यक परेशानियों से राहत मिलने की उम्मीद है।
नियमों के तहत, अवैतनिक टोल की स्थिति में वाहन मालिक को इलेक्ट्रॉनिक नोटिस भेजा जाएगा। इस नोटिस में वाहन का विवरण, टोल पार करने की तारीख, स्थान तथा देय राशि की पूरी जानकारी दी जाएगी। यह सूचना एसएमएस, ईमेल, मोबाइल ऐप और एक विशेष पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी।
इसके अलावा, राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह प्रणाली को ‘वाहन’ डेटाबेस से जोड़ा जाएगा, जिससे बकाया टोल वाले वाहनों की पहचान आसान हो सकेगी और वसूली प्रक्रिया को तेज किया जा सकेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम टोल वसूली प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने के साथ-साथ अनुशासन सुनिश्चित करेगा। वहीं, वाहन चालकों को सलाह दी गई है कि वे अपने फास्टैग खाते में पर्याप्त बैलेंस बनाए रखें, नियमित रूप से ट्रांजैक्शन अलर्ट चेक करें और किसी भी समस्या की स्थिति में तुरंत शिकायत दर्ज कराएं।
कुल मिलाकर, नए नियमों से जहां नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्ती बढ़ेगी, वहीं ईमानदारी से टोल भुगतान करने वाले वाहन चालकों को अधिक सुविधा और सुरक्षा मिलने की उम्मीद है।
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