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गंगा में नाव पर इफ्तार पार्टी से बवाल: 14 गिरफ्तार, जमानत खारिज; धार्मिक-राजनीतिक बयानबाज़ी तेज

  • Writer: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • Mar 19
  • 2 min read

Updated: Mar 20


भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

वाराणसी। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में गंगा नदी के बीच नाव पर आयोजित इफ्तार पार्टी को लेकर विवाद गहरा गया है। आरोप है कि कार्यक्रम के दौरान मांसाहारी भोजन परोसा गया और हड्डियों को गंगा नदी में फेंका गया, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 14 लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि अदालत ने सभी आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी है।


घटना के सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर विरोध शुरू हो गया। कई सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने इसे गंगा की पवित्रता के साथ खिलवाड़ बताया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर जांच जारी है।


पुलिस सूत्रों के मुताबिक, घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आया। जांच के दौरान आरोपियों की पहचान कर उन्हें हिरासत में लिया गया। अधिकारियों का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी।


इस घटना ने राजनीतिक गलियारों में भी हलचल मचा दी है। वारिस पठान ने गिरफ्तारी पर सवाल उठाते हुए इसे मुसलमानों को निशाना बनाने की कार्रवाई बताया। वहीं, विश्व हिंदू परिषद ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए इसे हिंदू आस्था पर सीधा हमला करार दिया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।


समाजवादी पार्टी के नेता एसटी हसन ने भी इस आयोजन की आलोचना करते हुए कहा कि गंगा की मर्यादा और धार्मिक भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए। वहीं उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओपी राजभर ने गिरफ्तारी को उचित ठहराते हुए कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और ऐसी घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


स्थानीय प्रशासन ने गंगा नदी की पवित्रता बनाए रखने के लिए सख्त दिशा-निर्देशों के पालन की बात कही है। साथ ही, भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।


फिलहाल, मामले की जांच जारी है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

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