पैलेस ग्राउंड में गूंजेगा श्रीराम नाम, तैयारियों ने पकड़ी रफ्तार
- धन्नाराम चौधरी

- 29 जुल॰
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दिव्य चेतना ट्रस्ट की अहम बैठक संपन्न, श्रीराम कथा को भव्य-दिव्य बनाने का लिया संकल्प
भारतार्थ खबर। संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) | बेंगलुरु | 28 जुलाई, 2026 बेंगलुरु: राजधानी बेंगलुरु के पैलेस ग्राउंड में प्रस्तावित श्रीराम कथा के भव्य आयोजन की तैयारियां अब तेज़ हो गई हैं। इसी क्रम में दिव्य चेतना ट्रस्ट द्वारा एक महत्वपूर्ण बैठक का सफल आयोजन किया गया, जिसमें कथा को आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक दृष्टि से ऐतिहासिक बनाने के लिए व्यापक रणनीति पर चर्चा की गई। बैठक में विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए आयोजन को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
बैठक में श्री शैलेश मिश्रा, श्री रोहित उपाध्याय, श्री गंगेश मिश्रा, श्री मनोज पांडे, भोजपुरी समाज के अध्यक्ष श्री संजय सिंह सहित अनेक गणमान्य नागरिक, समाजसेवी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने आगामी श्रीराम कथा को केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा का महोत्सव बनाने पर बल दिया।
बैठक के दौरान आयोजन की रूपरेखा, मंच व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुविधाएं, सेवा कार्य, स्वयंसेवकों की जिम्मेदारियां, यातायात प्रबंधन, जनसंपर्क अभियान और अधिक से अधिक श्रद्धालुओं की सहभागिता सुनिश्चित करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। उपस्थित सदस्यों ने सुझाव दिया कि कथा के प्रचार-प्रसार के लिए डिजिटल माध्यमों, सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए ताकि अधिकाधिक लोग इस आध्यात्मिक आयोजन से जुड़ सकें।
दिव्य चेतना ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने कहा कि श्रीराम कथा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, आदर्श जीवन मूल्यों और सामाजिक एकता का संदेश देने का सशक्त माध्यम है। कथा के माध्यम से युवाओं में संस्कार, सेवा और राष्ट्रप्रेम की भावना को भी प्रोत्साहित किया जाएगा।
बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों ने तन, मन और धन से सहयोग देने का संकल्प व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास जताया कि सामूहिक प्रयासों से यह आयोजन बेंगलुरु के सबसे प्रेरणादायक आध्यात्मिक आयोजनों में शामिल होगा। आयोजन को सफल बनाने के लिए अलग-अलग समितियों का गठन करने तथा स्वयंसेवकों को जिम्मेदारियां सौंपने पर भी सहमति बनी।
सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा, सांस्कृतिक जागरूकता और पारिवारिक मूल्यों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से कथा में भाग लेकर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करने का भी आग्रह किया।
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