सिरा में गूंजे रामदेवजी के जयकारे, एकता साइकिल यात्रा का भव्य स्वागत
- धन्नाराम चौधरी

- 29 जुल॰
- 2 मिनट पठन

भक्ति, एकता और सेवा का अद्भुत संगम, भजन संध्या व महाप्रसाद में उमड़े हजारों श्रद्धालु
भारतार्थ खबर। संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) सिरा (कर्नाटक) | 28 जुलाई, 2026 सिरा (कर्नाटक): बेंगलुरू रामदेव एकता साइकिल यात्रा के सिरा पहुंचते ही पूरा क्षेत्र 'जय बाबा री', 'जय रामदेवजी' के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं, स्थानीय रामदेव भक्तों और समाजबंधुओं ने यात्रा का पुष्पवर्षा, माल्यार्पण और उत्साहपूर्ण स्वागत कर धार्मिक आस्था, सामाजिक एकता और भाईचारे का प्रेरक संदेश दिया। यह भव्य आयोजन श्रद्धा, सेवा और सामूहिक सहभागिता का अनूठा उदाहरण बनकर सामने आया।
यात्रा के स्वागत समारोह में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, समाज के वरिष्ठजन, युवा और महिलाएं उपस्थित रहीं। पूरे वातावरण में आध्यात्मिक उल्लास और धार्मिक उत्साह देखने को मिला। स्वागत के दौरान श्रद्धालुओं ने यात्रियों का अभिनंदन करते हुए उनके सेवा और एकता के संदेश की सराहना की। आयोजन स्थल को आकर्षक ढंग से सजाया गया था, जिससे कार्यक्रम का धार्मिक वातावरण और अधिक मनमोहक बन गया।

रात्रि में आयोजित भक्ति संध्या एवं जागरण कार्यक्रम ने श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। प्रसिद्ध भजन गायक हेमन्त जोशी तथा नरपत देवासी एंड पार्टी ने बाबा रामदेवजी के एक से बढ़कर एक मधुर भजनों की प्रस्तुति देकर देर रात तक भक्तों को भावविभोर रखा। भजनों के दौरान श्रद्धालु जयकारों और भक्ति में लीन होकर झूमते नजर आए।
कार्यक्रम की विशेष आकर्षण बालिका अवनी पटेल की मनमोहक नृत्य प्रस्तुति रही। उनकी भावपूर्ण और आकर्षक प्रस्तुति ने उपस्थित श्रद्धालुओं का दिल जीत लिया। कार्यक्रम स्थल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा और सभी ने उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
भक्ति कार्यक्रम के पश्चात श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद का आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में भक्तों ने प्रसाद ग्रहण कर धर्म लाभ प्राप्त किया। आयोजन समिति ने सभी श्रद्धालुओं के लिए सुव्यवस्थित व्यवस्थाएं सुनिश्चित कीं, जिसकी उपस्थित लोगों ने सराहना की।
इस अवसर पर बाबूलाल पटेल, चौथाराम पटेल, अशोक पटेल, प्रकाश पटेल, विरमराम पटेल, तिलोक पटेल सहित अनेक गणमान्य सदस्य, समाज के वरिष्ठजन और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने बेंगलुरू रामदेव एकता साइकिल यात्रा की सफलता की कामना करते हुए समाज में एकता, सद्भाव, सेवा और धार्मिक चेतना के प्रसार का संदेश दिया।
समाज के वरिष्ठजनों ने कहा कि इस प्रकार की यात्राएं केवल धार्मिक आयोजन नहीं होतीं, बल्कि समाज को जोड़ने, युवाओं में संस्कार विकसित करने और सामाजिक समरसता को मजबूत करने का सशक्त माध्यम भी बनती हैं। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से ऐसे आयोजनों में भाग लेने का आह्वान किया।
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