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पवन खेड़ा पर कानूनी शिकंजा

  • Writer: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • 5 hours ago
  • 2 min read

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

असम। असम विधानसभा चुनाव के बीच सियासी बयानबाज़ी अब कानूनी दायरे में प्रवेश करती नजर आ रही है। कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा द्वारा असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी पर लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। मंगलवार को असम पुलिस की एक टीम दिल्ली के निजामुद्दीन ईस्ट स्थित खेड़ा के आवास पर पहुंची, जहां उनसे पूछताछ की प्रक्रिया शुरू की गई। इस दौरान दिल्ली पुलिस केवल सहयोगी भूमिका में मौजूद रही।


दरअसल, कांग्रेस नेता पवन खेड़ा और असम कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गौरव गोगोई ने हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री की पत्नी रिंकी भुइयां सरमा पर कई गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने दावा किया था कि रिंकी भुइयां के पास यूएई, मिस्र और एंटीगुआ-बारबुडा के पासपोर्ट हैं, साथ ही दुबई में उनकी संपत्तियां और अमेरिका के व्योमिंग राज्य की एक कंपनी से संबंध भी हैं। कांग्रेस नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि इन विदेशी संपत्तियों का खुलासा चुनावी हलफनामों में नहीं किया गया। इन आरोपों के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे इस मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई करेंगे। उन्होंने यहां तक कहा कि “मैं पवन खेड़ा को पवन पेड़ा बना दूंगा,” जिससे विवाद और बढ़ गया। सरमा ने आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए दावा किया कि जिन दस्तावेजों का हवाला दिया गया है, वे कथित तौर पर फर्जी हैं और सोशल मीडिया के संदिग्ध स्रोतों से तैयार किए गए हैं।


वहीं, रिंकी भुइयां सरमा ने भी इन आरोपों को खारिज करते हुए पवन खेड़ा के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है और कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं द्वारा तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है और उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। चुनावी माहौल के बीच यह प्रकरण अब केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि कानूनी लड़ाई का रूप लेता दिख रहा है। आने वाले दिनों में इस मामले में जांच और संभावित कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी है।

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