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पंजाब में आज 3 घंटे ‘रेल रोको’, कई रूट प्रभावित

  • लेखक की तस्वीर: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • 17 अप्रैल
  • 2 मिनट पठन

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

चंडीगढ़, 17 अप्रैल। पंजाब में किसानों का आक्रोश एक बार फिर उफान पर है। गेहूं की खरीद में देरी और नियमों में राहत न मिलने से नाराज किसान संगठनों ने शुक्रवार को राज्यव्यापी ‘रेल रोको आंदोलन’ का ऐलान किया है। यह प्रदर्शन दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक चलेगा, जिसके दौरान कई प्रमुख रेलवे ट्रैक जाम किए जाएंगे और ट्रेन सेवाएं व्यापक रूप से प्रभावित हो सकती हैं। भारतीय किसान यूनियन (डकौंदा), किसान मजदूर मोर्चा (केएमएम) और संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) समेत कई संगठनों ने इस आंदोलन को समर्थन दिया है। किसान नेताओं का कहना है कि सरकार की अनदेखी और खरीद प्रक्रिया में देरी ने उन्हें सड़कों से पटरियों तक उतरने को मजबूर कर दिया है।

इन स्थानों पर रहेगा सबसे ज्यादा असर

राज्य के विभिन्न जिलों में किसान बड़ी संख्या में रेलवे ट्रैक पर धरना देंगे। प्रमुख स्थानों में अमृतसर का देवी दासपुरा, संगरूर का सुनाम, होशियारपुर और दसूया स्टेशन, कपूरथला का फगवाड़ा और हुसैनपुर (रेल कोच फैक्ट्री के पास) शामिल हैं। इसके अलावा बरनाला, तरनतारन, मोगा, जगरांव, पटियाला, मानसा, फाजिल्का, फिरोजपुर, मलेरकोटला, पठानकोट, जालंधर, बठिंडा, लुधियाना (साहनेवाल), मुक्तसर और गुरदासपुर में भी बड़े स्तर पर प्रदर्शन की तैयारी है।

इन रेल मार्गों पर पड़ेगा सीधा प्रभाव

आंदोलन के चलते फिरोजपुर–लुधियाना, लुधियाना–जयपुर, फिरोजपुर–दिल्ली और फिरोजपुर–चंडीगढ़ जैसे प्रमुख रेल रूट्स पर ट्रेनों की आवाजाही बाधित हो सकती है। रेलवे सूत्रों के अनुसार कई ट्रेनों के देरी से चलने या आंशिक रूप से रद्द होने की आशंका है, जिससे यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ सकता है।

आंदोलन की मुख्य वजह

किसानों का आरोप है कि बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से पहले ही फसल को भारी नुकसान हुआ है, इसके बावजूद सरकारी एजेंसियों ने गेहूं की खरीद समय पर शुरू नहीं की। साथ ही, खरीद के नियमों में कोई ढील नहीं दी जा रही है, जिससे मंडियों में किसानों को परेशानी उठानी पड़ रही है। उनका कहना है कि इस लापरवाही के कारण उन्हें आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।

सरकार को चेतावनी

किसान संगठनों ने स्पष्ट किया है कि यदि जल्द ही खरीद प्रक्रिया तेज नहीं की गई और नियमों में राहत नहीं दी गई, तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा। फिलहाल, राज्य में तीन घंटे का यह ‘रेल रोको’ प्रदर्शन प्रशासन और रेलवे के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें, ताकि किसी भी असुविधा से बचा जा सके।

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