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नासिक टीसीएस केस: एचआर पर आरोप, धर्मांतरण व उत्पीड़न की परतें खुलीं

  • Writer: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • Apr 16
  • 2 min read

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

नासिक। नासिक स्थित टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) में कथित धर्मांतरण और यौन उत्पीड़न के मामले में जांच तेज होते ही चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। पुलिस जांच में संकेत मिले हैं कि आरोपित कर्मचारी महिलाओं को निशाना बनाने के लिए संगठित तरीके से काम कर रहे थे। अब तक इस प्रकरण में नौ अलग-अलग मामले दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें सात पुरुषों और एक महिला को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक अन्य महिला आरोपी फरार बताई जा रही है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। एसआईटी आठ महिला कर्मचारियों की शिकायतों की पड़ताल कर रही है, जिन्होंने आरोप लगाया है कि उनके वरिष्ठ सहकर्मियों ने मानसिक दबाव के साथ-साथ यौन उत्पीड़न किया और जब उन्होंने इसकी शिकायत की, तो कंपनी के मानव संसाधन (एचआर) विभाग ने इसे नजरअंदाज कर दिया।

“ऐसी बातें होती रहती हैं” कहकर टाली शिकायतें

नासिक पुलिस आयुक्त संदीप कार्णिक के अनुसार, जांच में सामने आया है कि यूनिट की ऑपरेशंस और एचआर हेड ने एक पीड़िता को शिकायत दर्ज कराने से रोकने की कोशिश की। आरोप है कि पीड़िताओं को यह कहकर चुप कराया गया—“ऐसी बातें होती रहती हैं।” इससे स्पष्ट होता है कि प्रबंधन स्तर पर भी लापरवाही या मिलीभगत की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

ऑपरेशंस मैनेजर न्यायिक हिरासत में

प्रकरण में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तहत नासिक की अदालत ने महिला ऑपरेशंस मैनेजर को 28 अप्रैल 2026 तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। वहीं, मामले में किसी चरमपंथी संगठन से संबंध या विदेशी फंडिंग की अटकलों पर पुलिस ने कहा है कि अभी जांच जारी है। इस संबंध में एसआईटी, एटीएस और एनआईए को भी पत्र भेजकर सहयोग मांगा गया है।

पुरुष कर्मचारी ने भी दर्ज कराई शिकायत

जांच के दौरान एक पुरुष कर्मचारी की शिकायत भी सामने आई है, जिसमें उसने आरोप लगाया है कि कार्यस्थल पर उसके धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया गया और धार्मिक आधार पर उसे परेशान किया गया। इससे यह मामला केवल महिलाओं तक सीमित न रहकर व्यापक कार्यस्थल उत्पीड़न का रूप लेता दिख रहा है।

आठ कर्मचारी गिरफ्तार, नाम उजागर

पुलिस ने इस मामले में टीसीएस के आठ कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। इनमें दानिश शेख, तौसीफ अत्तार, रजा मेमन, शाहरुख कुरैशी, शफी शेख, आसिफ आफताब अंसारी और शाहरुख शेख के नाम शामिल हैं, जबकि एक महिला ऑपरेशंस मैनेजर भी गिरफ्त में है।

कंपनी प्रबंधन ने जताई चिंता

एन. चंद्रशेखरन, चेयरमैन, टाटा संस ने इस पूरे घटनाक्रम को “बेहद चिंताजनक और दुखद” करार दिया है। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए टीसीएस की मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) आरती सुब्रमण्यम की देखरेख में विस्तृत जांच कराई जा रही है, ताकि दोषियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

जांच जारी, कई सवाल बाकी

फिलहाल पुलिस हर पहलू की गहन जांच कर रही है। कार्यस्थल की सुरक्षा, महिला कर्मचारियों के अधिकारों और कॉर्पोरेट जिम्मेदारी को लेकर यह मामला कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। आने वाले दिनों में जांच के निष्कर्ष इस पूरे प्रकरण की दिशा तय करेंगे।

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