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धर्मदम में सियासी संग्राम: क्या विजयन बचा पाएंगे अपना गढ़?

  • Writer: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • Mar 29
  • 2 min read

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

कन्नूर। केरल विधानसभा चुनाव 2026 में कन्नूर जिले की धर्मदम सीट इस बार राज्य की सबसे चर्चित और हॉट सीट बनकर उभरी है। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन एक बार फिर इसी सीट से चुनावी मैदान में हैं, जहां उन्हें भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस-नीत यूडीएफ गठबंधन के उम्मीदवारों से कड़ी चुनौती मिल रही है। त्रिकोणीय मुकाबले ने इस सीट को बेहद रोचक बना दिया है।


राज्य की 140 सदस्यीय विधानसभा, जिसे केरल नियमसभा के नाम से जाना जाता है, का कार्यकाल 23 मई 2026 को समाप्त हो रहा है। चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार, राज्य में 9 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान होगा, जबकि मतगणना 4 मई को की जाएगी। सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ), राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) और संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के बीच सीधा मुकाबला है।


धर्मदम सीट का बढ़ता राजनीतिक महत्व

धर्मदम विधानसभा क्षेत्र मुख्यमंत्री विजयन का गढ़ माना जाता है, जिससे इस सीट का राजनीतिक महत्व और भी बढ़ जाता है। पिनाराई विजयन लगातार दो बार (2016 और 2021) यहां से जीत दर्ज कर चुके हैं, जबकि 2011 में भी यह सीट वामपंथी दल के खाते में गई थी। 2010 में अस्तित्व में आई इस सीट पर अब तक वाम दलों का दबदबा रहा है।


त्रिकोणीय मुकाबले ने बढ़ाई चुनौती

इस बार मुकाबला पहले की तुलना में अधिक कठिन माना जा रहा है। भाजपा ने के. रंजीत को मैदान में उतारा है, जबकि यूडीएफ ने एडवोकेट वी.पी. अब्दुल रशीद को उम्मीदवार बनाया है। दोनों ही प्रत्याशी स्थानीय स्तर पर सक्रिय और प्रभावशाली माने जा रहे हैं, जिससे मुकाबला त्रिकोणीय और दिलचस्प हो गया है।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, मतदाताओं के सामने इस बार ‘विकास और निरंतरता’ बनाम ‘परिवर्तन’ का स्पष्ट विकल्प है। जहां एलडीएफ विजयन सरकार की विकास योजनाओं और कल्याणकारी नीतियों के आधार पर वोट मांग रही है, वहीं यूडीएफ और एनडीए बदलाव के मुद्दे को जोर-शोर से उठा रहे हैं।


विकास बनाम बदलाव की लड़ाई

एलडीएफ का दावा है कि विजयन के नेतृत्व में धर्मदम और आसपास के क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। वहीं विपक्ष बेरोजगारी, स्थानीय मुद्दों और शासन से जुड़े सवालों को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति अपना रहा है।


क्या कायम रहेगा विजयन का किला?

धर्मदम सीट पर चुनाव परिणाम इस बात का संकेत देंगे कि क्या पिनाराई विजयन अपनी मजबूत पकड़ बरकरार रख पाएंगे या फिर विपक्ष बदलाव की लहर पैदा करने में सफल होगा। फिलहाल, इस हाई-प्रोफाइल सीट पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं, जहां हर वोट निर्णायक साबित हो सकता है।

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