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देश में डिजिटल जनगणना की ऐतिहासिक शुरुआत

  • लेखक की तस्वीर: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • 4 अप्रैल
  • 2 मिनट पठन

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

नई दिल्ली। देश में जनगणना की प्रक्रिया अब तकनीक के साथ एक नए दौर में प्रवेश कर चुकी है। पहली बार व्यापक स्तर पर डिजिटल जनगणना की शुरुआत की गई है, जिससे डेटा संग्रहण अधिक आधुनिक, सटीक और तेज़ होने की उम्मीद है। यह पहल न केवल प्रशासनिक कार्यप्रणाली को सुदृढ़ करेगी, बल्कि आम नागरिकों के लिए भी सुविधाजनक साबित होगी।


सरकारी अधिकारियों के अनुसार, इस नई प्रणाली के तहत गणनाकर्मी अब पारंपरिक कागजी फार्म के बजाय टैबलेट और डिजिटल उपकरणों का उपयोग कर सीधे डेटा दर्ज करेंगे। इससे जानकारी के संकलन में पारदर्शिता बढ़ेगी और त्रुटियों की संभावना भी कम होगी। साथ ही, नागरिकों को भी घर बैठे अपनी जानकारी उपलब्ध कराने की सुविधा मिलेगी, जिससे समय और संसाधनों की बचत होगी।


विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल जनगणना देश को डिजिटल भारत के लक्ष्य की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे प्राप्त आंकड़े नीतियों के निर्माण, विकास योजनाओं और संसाधनों के बेहतर वितरण में सहायक होंगे। ग्रामीण से शहरी क्षेत्रों तक, हर वर्ग की वास्तविक स्थिति का सटीक आकलन संभव हो सकेगा।


इस प्रक्रिया में डेटा सुरक्षा और गोपनीयता को भी प्राथमिकता दी गई है। आधुनिक साइबर सुरक्षा उपायों के माध्यम से नागरिकों की व्यक्तिगत जानकारी को सुरक्षित रखने का दावा किया गया है। अधिकारियों ने आमजन से अपील की है कि वे सही और पूर्ण जानकारी देकर इस राष्ट्रीय अभियान को सफल बनाने में सहयोग करें।


जनगणना न केवल जनसंख्या का आंकलन है, बल्कि यह देश के विकास की दिशा तय करने वाला आधार भी है। ऐसे में डिजिटल माध्यम से इसकी शुरुआत को एक ऐतिहासिक और दूरगामी कदम माना जा रहा है, जो भारत को तकनीकी रूप से और अधिक सक्षम बनाएगा।

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