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दिल्ली हाईकोर्ट में केजरीवाल की खुद बहस की मांग, एसजी का तंज—“कोर्ट है, मंच नहीं”

  • Writer: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • 10 hours ago
  • 2 min read

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

नई दिल्ली। दिल्ली आबकारी नीति से जुड़े चर्चित मामले में मंगलवार को दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान दिलचस्प और तीखी नोकझोंक देखने को मिली। आम आदमी पार्टी के प्रमुख एवं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अदालत में खुद अपनी दलीलें रखने की अनुमति मांगी, जिस पर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कड़ा एतराज जताते हुए टिप्पणी की कि “यह अदालत है, नाटक का मंच नहीं।”


दरअसल, केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने ट्रायल कोर्ट द्वारा केजरीवाल समेत 23 आरोपियों को बरी किए जाने के फैसले को चुनौती देते हुए संशोधन याचिका दाखिल की है। इसी याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही है।

सुनवाई के दौरान केजरीवाल स्वयं अदालत में उपस्थित हुए और न्यायमूर्ति से आग्रह किया कि वे उन्हें व्यक्तिगत रूप से अपनी दलीलें रखने की अनुमति दें। उन्होंने कहा कि ई-फाइलिंग के तहत व्यक्तिगत रूप से याचिका दाखिल करने की अनुमति नहीं है, इसलिए वे अदालत से इसकी इजाजत चाहते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनके पास याचिका की हार्ड कॉपी मौजूद है और वे किसी भी तारीख पर बहस के लिए तैयार हैं। केजरीवाल ने कहा, “मैं इस याचिका पर खुद बहस करूंगा और अपने कानूनी अधिकारों का इस्तेमाल करूंगा।” हालांकि, सीबीआई की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इस मांग का तीखा विरोध किया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाकर अपना राजनीतिक करियर बना रहे हैं। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि यदि केजरीवाल खुद बहस करना चाहते हैं, तो उन्हें अपने वकीलों को हटाकर हर सुनवाई में बिना कानूनी सहायता के पेश होना चाहिए। मेहता ने दो टूक कहा, “यह अदालत है, कोई नाटक का मंच नहीं।”


मेहता ने मामले को देश की राजधानी से जुड़ा एक बड़ा “शराब घोटाला” बताते हुए इसकी शीघ्र सुनवाई की भी मांग की। इस बीच, अदालत ने केजरीवाल की मांग पर सीबीआई को निर्देश दिया कि वह रिक्यूजल (न्यायाधीश के स्वयं को मामले से अलग करने) की संभावित अर्जी पर कल तक लिखित जवाब दाखिल करे। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई अन्य पक्षकार भी न्यायाधीश से खुद को अलग करने की मांग करना चाहता है, तो वह भी अपनी अर्जी दाखिल कर सकता है। साथ ही जिन आरोपियों ने अभी तक अपना जवाब दाखिल नहीं किया है, उन्हें जल्द से जल्द जवाब देने का निर्देश दिया गया, अन्यथा उनकी दलीलों पर विचार नहीं किया जाएगा। गौरतलब है कि 27 फरवरी को ट्रायल कोर्ट ने इस मामले में केजरीवाल समेत सभी 23 आरोपियों को बरी कर दिया था, जिसके खिलाफ अब सीबीआई हाईकोर्ट पहुंची है। अगली सुनवाई: मामले की अगली सुनवाई 13 अप्रैल 2026 को दोपहर 2:30 बजे निर्धारित की गई है।

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