“तीन साल में 2809 किसानों की मौत”: वी. सोमन्ना का सिद्धारमैया सरकार पर तीखा हमला
- धन्ना राम चौधरी

- 3 अप्रैल
- 2 मिनट पठन

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)
बगलाकोट। केंद्रीय मंत्री वी. सोमन्ना ने कर्नाटक की सिद्धारमैया सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में प्रशासनिक विफलता, भ्रष्टाचार और अव्यवस्था चरम पर है। उन्होंने दावा किया कि पिछले तीन वर्षों में राज्य में 2809 किसानों की मौत हुई है, जो सरकार की नीतियों की असफलता को दर्शाता है।
मीडिया से बातचीत करते हुए सोमन्ना ने कहा कि मुख्यमंत्री अपनी सत्ता का उपयोग जनहित के बजाय निजी और राजनीतिक स्वार्थों के लिए कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की जनता को गुमराह कर “अंधेरे में रखा जा रहा है” और सरकार वास्तविक समस्याओं से ध्यान भटका रही है। उन्होंने कहा कि बेंगलूरु के विकास में केंद्र और विपक्ष की महत्वपूर्ण भूमिका रही है, लेकिन वर्तमान सरकार विकास कार्यों का श्रेय लेने में लगी है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य में न केवल विपक्ष, बल्कि सत्तारूढ़ दल के विधायकों में भी नैतिकता का अभाव दिखाई दे रहा है।
भ्रष्टाचार और अव्यवस्था के आरोप
सोमन्ना ने कहा कि राज्य सरकार पूरी तरह भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद में डूबी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) की अनदेखी की जा रही है, जिससे आम जनता को भारी परेशानी हो रही है।
उन्होंने कहा कि “यह एक बेपरवाह सरकार है, जो लगातार आलोचना के बावजूद सुधरने को तैयार नहीं है।”
किसानों और बेरोजगारी पर चिंता
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि समर्थन मूल्य (एमएसपी) की घोषणाओं के बावजूद किसानों को राहत नहीं मिल रही है। उन्होंने कहा कि तीन वर्षों में 2809 किसानों की मौत चिंताजनक है। इसके अलावा उन्होंने राज्य में 2.5 लाख से अधिक सरकारी पद खाली होने का मुद्दा उठाते हुए सरकार पर रोजगार सृजन में विफल रहने का आरोप लगाया।
उत्तर कर्नाटक में हालात बदतर
सोमन्ना ने उत्तर कर्नाटक के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पीड़ितों के लिए पर्याप्त राहत राशि जारी नहीं की गई है और कई क्षेत्रों में पेयजल संकट गहरा गया है।
केंद्र-राज्य वित्तीय विवाद
जल जीवन मिशन के तहत फंड को लेकर भी उन्होंने राज्य सरकार पर सवाल उठाए। उनके अनुसार, राज्य ने 28 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान दिखाया, लेकिन उपयोग प्रमाण पत्र के आधार पर केवल 11 हजार करोड़ रुपये ही प्राप्त हुए।
लोगों को गुमराह करने का आरोप
सोमन्ना ने सरकार पर समाज को विभाजित करने और लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कई सरकारी योजनाओं में अनियमितताएं सामने आई हैं, जिनमें फर्जी कार्ड और गलत तरीके से भुगतान के मामले शामिल हैं। अंत में उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा राज्य को विकास के लिए पर्याप्त धनराशि दी जा रही है, लेकिन राज्य सरकार उसे सही तरीके से उपयोग करने में विफल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं ठप पड़ी हैं और सरकार जनता के प्रति जवाबदेह नहीं है।
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