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तमिलनाडु चुनाव में सीटों की ‘बिक्री’ का आरोप, कांग्रेस में बढ़ी अंदरूनी कलह

  • लेखक की तस्वीर: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • 30 मार्च
  • 2 मिनट पठन

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

मार्तंडम (तमिलनाडु)। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी के भीतर मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं। पार्टी की सीट-बंटवारे और उम्मीदवार चयन प्रक्रिया को लेकर उठे विवाद ने अब सियासी तूल पकड़ लिया है। भारतीय जनता पार्टी की नेता एस. विजयधारानी ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि पार्टी में सीटें ‘बेची’ जा रही हैं और उम्मीदवारों का चयन अलोकतांत्रिक तरीके से किया जा रहा है।


यह विवाद तब शुरू हुआ जब कांग्रेस सांसद एस. जोतिमणि ने सार्वजनिक रूप से डीएमके-नेतृत्व वाले गठबंधन में सीट बंटवारे की प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उनके बयान के एक दिन बाद विजयधारानी ने उनके आरोपों का समर्थन करते हुए कहा कि यह समस्या नई नहीं है, बल्कि लंबे समय से चली आ रही है।


विजयधारानी, जिन्होंने वर्ष 2024 में कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामा था, ने कहा कि पार्टी के भीतर सीटों के लिए लेन-देन जैसी स्थिति पहले भी देखी जा चुकी है। उन्होंने कहा, “जोतिमणि ने जो कहा है, वह सच्चाई है। कांग्रेस में सीटें बेचे जाने की बात सबको पता है। अब यह खुलकर सामने आ रही है, जिससे पार्टी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।” उन्होंने आगे कहा कि इस तरह की प्रक्रिया न केवल लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है, बल्कि इससे जमीनी स्तर पर वर्षों से मेहनत कर रहे कार्यकर्ताओं का मनोबल भी टूटता है। विजयधारानी ने मतदाताओं से अपील की कि वे ऐसी राजनीति का विरोध करें और ऐसे उम्मीदवारों को नकारें।


वहीं, जोतिमणि ने भी पार्टी नेतृत्व के प्रति नाराजगी जताते हुए कहा कि समर्पित कार्यकर्ताओं की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों ने पार्टी के लिए न्यूनतम योगदान भी नहीं दिया, उन्हें प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ‘किराए या बिक्री आधारित’ सीट आवंटन की यह प्रवृत्ति जारी रही, तो तमिलनाडु में कांग्रेस का भविष्य संकट में पड़ सकता है। सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी बात रखते हुए जोतिमणि ने कहा, “यदि यही स्थिति बनी रही, तो राज्य में कांग्रेस पार्टी को बचाना मुश्किल हो जाएगा।”


गौरतलब है कि 23 अप्रैल 2026 को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए 234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा में कांग्रेस को डीएमके गठबंधन के तहत 28 सीटें आवंटित की गई हैं। हालांकि, जोतिमणि ने आरोप लगाया कि इन सीटों के चयन की प्रक्रिया बेहद गोपनीय तरीके से पूरी की गई और इसमें पार्टी कार्यकर्ताओं व स्थानीय नेताओं की राय को नजरअंदाज किया गया। तमिलनाडु की राजनीति में इस विवाद ने चुनावी माहौल को और गर्म कर दिया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस नेतृत्व इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देता है और इसका आगामी चुनाव परिणामों पर क्या असर पड़ता है।

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