केरल चुनाव: कांग्रेस ने दोहराया ‘भाजपा–सीपीआई(एम) समझौते’ का आरोप, सियासी घमासान तेज
- धन्ना राम चौधरी

- 30 मार्च
- 2 मिनट पठन

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)
कोच्चि। केरल विधानसभा चुनाव से पहले सियासी आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रमेश चेन्नीथला ने एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी और सीपीआई (एम) के बीच कथित ‘गुप्त समझौते’ का आरोप दोहराते हुए राज्य की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है।
रविवार को मीडिया से बातचीत में चेन्नीथला ने दावा किया कि भाजपा और सीपीआई (एम) के बीच यह समझौता आगामी 9 अप्रैल 2026 को होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कथित समझौता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के बीच हुआ है। उन्होंने कहा, “हमने इस समझौते का खुलासा किया है और अब राज्यभर में इस पर व्यापक चर्चा हो रही है। भाजपा और सीपीआई (एम) मिलकर कांग्रेस को सत्ता में आने से रोकना चाहते हैं।”
कांग्रेस के इस आरोप को पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं का भी समर्थन मिला है। केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता वीडी सतीशन ने भी पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के साथ मिलकर यह दावा किया है कि राज्य की लगभग 10 सीटों पर भाजपा और वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) के बीच ‘अघोषित तालमेल’ है। चेन्नीथला ने 2021 के विधानसभा चुनाव का हवाला देते हुए कहा कि उस समय भी इसी प्रकार का समझौता हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी ‘कांग्रेस मुक्त भारत’ की नीति पर काम कर रहे हैं, जबकि मुख्यमंत्री विजयन कांग्रेस को सत्ता से दूर रखना चाहते हैं। “इसी कारण दोनों के हित एक जगह आकर मिल रहे हैं,” उन्होंने कहा।
राज्य की राजनीतिक पृष्ठभूमि पर नजर डालें तो कांग्रेस के नेतृत्व वाला संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) वर्ष 2011 से 2016 तक सत्ता में रहा था। इसके बाद 2016 और 2021 के चुनावों में एलडीएफ ने जीत हासिल कर सरकार बनाई। हालांकि, कांग्रेस के इन आरोपों को सत्तारूढ़ पक्ष ने खारिज किया है। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने पलटवार करते हुए विपक्ष के नेता वीडी सतीशन के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से कथित संबंधों पर सवाल उठाए हैं और कांग्रेस पर ‘भ्रामक राजनीति’ करने का आरोप लगाया है।
इस बीच, कांग्रेस नेता चेन्नीथला ने आगामी चुनावों में यूडीएफ की जीत का दावा करते हुए कहा कि जनता इस ‘कथित समझौते’ को समझ चुकी है और इसका असर चुनाव परिणामों में दिखाई देगा। “यूडीएफ स्पष्ट बहुमत के साथ सत्ता में वापसी करेगी,” उन्होंने विश्वास जताया। केरल में चुनावी तारीख नजदीक आते ही राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं, जिससे आगामी मुकाबला और भी दिलचस्प होता जा रहा है।
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