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जहरीले दूध का कहर: आंध्र प्रदेश में 16 मौतें, मिलावट से किडनी फेल होने के चौंकाने वाले मामले

  • लेखक की तस्वीर: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • 22 मार्च
  • 2 मिनट पठन

अपडेट करने की तारीख: 23 मार्च

फाइल फोटो

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

राजामहेंद्रवरम (आंध्र प्रदेश)। आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले में मिलावटी दूध पीने से एक बड़ा स्वास्थ्य संकट सामने आया है, जहां अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हैं। यह घटना जिले के लालाचेरुवु क्षेत्र की है, जहां सप्लाई किए गए दूध के सेवन के बाद लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी।


प्राप्त जानकारी के अनुसार, 6 फरवरी से 21 मार्च के बीच कुल 20 लोगों को उल्टी, पेट दर्द, दस्त, पेशाब न होना और अन्य गंभीर लक्षणों के चलते अस्पतालों में भर्ती कराया गया। इनमें से 16 लोगों की मौत हो गई, जबकि 3 मरीजों का अभी इलाज जारी है और एक व्यक्ति स्वस्थ होकर घर लौट चुका है।


किडनी फेल होने से बढ़ी मौतों की संख्या

चिकित्सकीय जांच में सामने आया कि मिलावटी दूध में जहरीले तत्व मौजूद थे, जिसके कारण पीड़ितों की किडनी ने अचानक काम करना बंद कर दिया। किडनी फेल होने के बाद शरीर के अन्य महत्वपूर्ण अंग भी प्रभावित हुए, जिससे स्थिति तेजी से बिगड़ती चली गई और कई लोगों की जान चली गई।


फरवरी में ही सामने आ गए थे संकेत

स्थानीय अस्पतालों के अनुसार, फरवरी महीने में ही किडनी फेलियर के असामान्य मामले सामने आने लगे थे। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बरतते हुए जांच शुरू की। लैब रिपोर्ट में दूध में जहरीली मिलावट की पुष्टि होने के बाद मामला गंभीर हो गया।


बच्चे और बुजुर्ग भी चपेट में

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस घटना में बच्चे और बुजुर्ग भी प्रभावित हुए हैं। कुछ मरीजों की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है और उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है। चिकित्सा टीमें लगातार मरीजों की निगरानी कर रही हैं।


पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने संदिग्ध दूध विक्रेता को हिरासत में ले लिया है। इस संबंध में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 194 (अप्राकृतिक मृत्यु) के तहत मामला दर्ज किया गया है।


वहीं, खाद्य सुरक्षा विभाग ने दूध के साथ-साथ दही, घी और पनीर के नमूने भी एकत्र कर जांच के लिए भेज दिए हैं, ताकि मिलावट के स्रोत और प्रकार का पता लगाया जा सके।


इलाके में दहशत, प्रशासन अलर्ट

घटना के बाद पूरे इलाके में भय और आक्रोश का माहौल है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे केवल प्रमाणित और सुरक्षित स्रोतों से ही दूध एवं दुग्ध उत्पादों का सेवन करें। साथ ही, संदिग्ध खाद्य पदार्थों की सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को देने को कहा गया है।


यह घटना न केवल खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि मिलावटखोरी के खतरनाक परिणामों की भी गंभीर चेतावनी देती है। प्रशासन और संबंधित एजेंसियों के लिए यह एक बड़ी चुनौती बन गई है कि दोषियों को सख्त सजा दिलाते हुए भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जाए।

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