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जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में क्यूआर कोड से सुरक्षा मजबूत

  • Writer: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • Apr 19
  • 2 min read

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

पहलगाम (जम्मू-कश्मीर)। देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शुमार पहलगाम में अब पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर बड़ा और आधुनिक कदम उठाया गया है। पिछले वर्ष हुए आतंकी हमले के बाद सुरक्षा को लेकर बने भय और अविश्वास के माहौल को खत्म करने के लिए प्रशासन ने क्यूआर कोड आधारित पहचान प्रणाली लागू की है। इस नई व्यवस्था के तहत अब पर्यटक किसी भी सेवा प्रदाता की पहचान और पृष्ठभूमि की जानकारी एक स्कैन में हासिल कर सकेंगे। प्रशासन द्वारा शुरू किए गए इस विशेष अभियान का लक्ष्य करीब 25 हजार स्थानीय सेवा प्रदाताओं को एकीकृत पहचान प्रणाली से जोड़ना है। फिलहाल लगभग 7 हजार लोगों को क्यूआर कोड जारी किए जा चुके हैं, और यह प्रक्रिया लगातार जारी है।

स्कैन करते ही पूरी जानकारी उपलब्ध

इस प्रणाली के तहत पंजीकरण के लिए सेवा प्रदाताओं को पहले विस्तृत सत्यापन प्रक्रिया से गुजरना होता है। इसमें दस्तावेजों की जांच, पुलिस वेरिफिकेशन और बैकग्राउंड चेक शामिल है। जांच में साफ पाए जाने पर ही संबंधित व्यक्ति को यूनिक क्यूआर कोड दिया जाता है।

यह क्यूआर कोड स्कैन करते ही उस व्यक्ति की पूरी जानकारी सामने आ जाती है, जिसमें नाम, पता, मोबाइल नंबर, आधार विवरण, रजिस्ट्रेशन स्थिति और पुलिस सत्यापन जैसी अहम जानकारियां शामिल होती हैं।

हर सेवा प्रदाता होगा दायरे में

नई व्यवस्था के तहत पोनी राइड संचालक, फोटोग्राफर, दुकानदार, हॉकर्स और बाहरी विक्रेताओं सहित सभी टूरिज्म सेवा प्रदाताओं को इस सिस्टम में शामिल किया जा रहा है। इससे अनधिकृत और फर्जी गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगने की उम्मीद है।

हमले के बाद सुरक्षा पर फोकस

गौरतलब है कि पिछले साल आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकियों द्वारा किए गए हमले में 25 पर्यटकों और एक स्थानीय पोनी संचालक की मौत हो गई थी। इस घटना ने न केवल क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए, बल्कि पहलगाम की पर्यटन छवि को भी गंभीर नुकसान पहुंचाया था।

पर्यटकों का बढ़ेगा भरोसा

अधिकारियों का कहना है कि यह क्यूआर कोड प्रणाली पारदर्शिता और सुरक्षा को एक साथ मजबूत करेगी। पर्यटक अब किसी भी सेवा प्रदाता से जुड़ने से पहले उसकी पहचान सत्यापित कर सकेंगे, जिससे उनका विश्वास बढ़ेगा और वे अधिक सुरक्षित महसूस करेंगे।

स्थानीय लोगों ने किया स्वागत

इस पहल को स्थानीय सेवा प्रदाताओं का भी व्यापक समर्थन मिल रहा है। उनका मानना है कि इससे उनकी पहचान प्रमाणिक होगी और पर्यटकों के बीच भरोसा बढ़ेगा। स्थानीय सेवा प्रदाता गुलाम हसन ने बताया कि सभी को दस्तावेज सत्यापन के बाद ही क्यूआर कोड दिए गए हैं और समय-समय पर सुरक्षा एजेंसियां इनकी जांच भी करती हैं।

सुरक्षा के साथ रोजगार को भी सहारा

प्रशासन का मानना है कि यह पहल न केवल सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करेगी, बल्कि पर्यटन उद्योग को भी नई मजबूती देगी। बाहरी विक्रेताओं की भी सख्त जांच सुनिश्चित की गई है, जिससे पूरे क्षेत्र में सुरक्षित और व्यवस्थित पर्यटन वातावरण तैयार किया जा सके। कुल मिलाकर, पहलगाम में लागू की गई यह क्यूआर कोड आधारित पहचान प्रणाली सुरक्षा और विश्वास बहाली की दिशा में एक महत्वपूर्ण और दूरगामी कदम साबित हो सकती है।

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