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महिला आरक्षण पर घमासान, विपक्ष पर बरसे अनुराग ठाकुर

  • Writer: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • Apr 19
  • 2 min read

भारतार्थ खबर, बेंगलुरु संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

बेंगलुरु। महिला आरक्षण विधेयक को लेकर सियासत तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने ‘इंडिया’ गठबंधन की पार्टियों पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें “महिला विरोधी मानसिकता” वाला करार दिया। उन्होंने कहा कि देश की माताएं और बहनें महिला आरक्षण बिल की राह में रोड़ा अटकाने वाली पार्टियों को कभी माफ नहीं करेंगी।


रविवार को भाजपा के प्रदेश कार्यालय ‘जगन्नाथ भवन’ में आयोजित प्रेस वार्ता में ठाकुर ने कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी और समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि इन दलों ने पांचवीं बार महिला आरक्षण का रास्ता रोका है। उन्होंने कहा कि जब संसद में इस बिल पर दो दिन तक चर्चा हुई और इसे समर्थन मिलने की उम्मीद थी, तब विपक्षी दलों ने अपने रुख से पीछे हटकर महिलाओं के साथ “धोखा” किया।

ठाकुर ने कहा कि महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी उनका नैसर्गिक अधिकार है, लेकिन विपक्षी दलों की नीतियां इसे टालने वाली रही हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि परिवारवाद से संचालित पार्टियां महिलाओं के अवसरों को सीमित करती हैं और चयनित चेहरों को ही आगे बढ़ाती हैं। उन्होंने परिसीमन (डिलिमिटेशन) का मुद्दा उठाते हुए कहा कि जनसंख्या के आधार पर सीटों का पुनर्निर्धारण जरूरी है, जिससे सभी राज्यों और वर्गों को उचित प्रतिनिधित्व मिल सके। उनके अनुसार, इससे महिलाओं, अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग का प्रतिनिधित्व भी बढ़ेगा और लोकतांत्रिक संतुलन मजबूत होगा। ठाकुर ने यह भी स्पष्ट किया कि सीटों की बढ़ोतरी से दक्षिण भारत के राज्यों को कोई नुकसान नहीं होगा।


कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि आपातकाल जैसे “काले अध्याय” की जिम्मेदार पार्टी आज संविधान की बात कर रही है। उन्होंने केंद्र सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए जीएसटी सुधार, अनुच्छेद 370 हटाने और भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई को महत्वपूर्ण कदम बताया। साथ ही “एक देश, एक चुनाव” की अवधारणा को चुनावी खर्च कम करने की दिशा में अहम बताया। इस अवसर पर भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय महासचिव दीप्ति रावत भारद्वाज ने भी विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं को नीति निर्माण में अधिक भागीदारी देना चाहते हैं, लेकिन विपक्षी दलों ने इस दिशा में बाधाएं खड़ी कीं। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर लाखों महिलाओं ने अपनी नेतृत्व क्षमता साबित की है, फिर भी उन्हें संसद और विधानसभाओं में समान अवसर देने में देरी की जा रही है। प्रेस वार्ता में विधान परिषद सदस्य भारती शेट्टी, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष मालविका अविनाश, प्रदेश प्रवक्ता सुरभि होडिगेरे और महिला मोर्चा की प्रदेश उपाध्यक्ष विजयलक्ष्मी आनंद सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे। महिला आरक्षण को लेकर जारी इस सियासी टकराव ने आने वाले चुनावी परिदृश्य में नए समीकरणों के संकेत दे दिए हैं।

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