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गुरुवाणी से जागृत युवा शक्ति: संत श्री राजाराम जी युवा जागृति मंच बना समाज सेवा का सशक्त आधार

  • लेखक की तस्वीर: धन्नाराम चौधरी
    धन्नाराम चौधरी
  • 2 अग॰
  • 2 मिनट पठन
Hindi poster for Sant Shri Rajaramji youth organization in Jodhpur, with saints, leader portraits, and many member headshots

कलबी समाज के नवगठित संगठन ने गुरु महाराज श्री राजेश्वर भगवान के आदर्शों पर चलते हुए सेवा, संगठन और जनजागरण का लिया संकल्प

भारतार्थ खबर। संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) शिकारपुरा (राजस्थान) | 2 अगस्त, 2026 संत श्री राजाराम जी युवा जागृति मंच के माध्यम से कलबी समाज में सामाजिक जागरूकता, संगठनात्मक एकता और निस्वार्थ सेवा की नई ऊर्जा दिखाई दे रही है। गुरुवाणी से प्रेरित युवा शक्ति समाजहित के कार्यों को संगठित रूप से आगे बढ़ाने का संकल्प लेकर जनकल्याण के विभिन्न आयामों पर कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध है। संगठन का उद्देश्य केवल सामाजिक गतिविधियों तक सीमित नहीं, बल्कि गुरु महाराज श्री राजेश्वर भगवान के आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाना और समाज में संस्कार, सेवा तथा समर्पण की भावना को मजबूत करना है।


संगठन के पदाधिकारियों ने संविधान, नियमों और उपनियमों का पूर्ण पालन करते हुए समाज सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संकल्प व्यक्त किया है। प्रत्येक पदाधिकारी को उसकी जिम्मेदारी का बोध कराते हुए संगठनात्मक अनुशासन, पारदर्शिता और सामूहिक नेतृत्व की भावना को मजबूत करने पर विशेष बल दिया जा रहा है।


संगठन का मानना है कि समाज का वास्तविक विकास तभी संभव है जब युवा पीढ़ी अपने दायित्वों को समझते हुए निस्वार्थ सेवा का मार्ग अपनाए। इसी सोच के साथ मंच के कार्यकर्ता बिना किसी व्यक्तिगत प्रचार या प्रदर्शन के समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचकर जनजागरण और सामाजिक एकता को बढ़ावा देने का कार्य कर रहे हैं।


अपने प्रेरक संदेश में संगठन से जुड़े वरिष्ठ मार्गदर्शकों ने कहा कि आधुनिक डिजिटल युग में युवाओं को तकनीक का सकारात्मक उपयोग करते हुए समाज सेवा को नई दिशा देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि गुरु महाराज श्री राजेश्वर भगवान ने लगभग एक शताब्दी पूर्व जिस जागृत, शिक्षित और संस्कारित समाज का सपना देखा था, उसे साकार करने की जिम्मेदारी आज की युवा शक्ति पर है।


युवा जागृति मंच ने समाज के प्रत्येक पदाधिकारी से आह्वान किया कि वे अपने दायित्वों का नियमित अवलोकन करें, संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाएं तथा सेवा कार्यों को निरंतर गति दें। समाजहित में किए जाने वाले कार्यों में अनुशासन, समर्पण और सहयोग की भावना ही संगठन की सबसे बड़ी शक्ति मानी गई।


संदेश में युवाओं को स्वामी विवेकानंद के प्रसिद्ध प्रेरक विचार—"उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक मत रुको"—की भावना के अनुरूप गुरुवाणी की ज्योति को हर घर, हर गांव और हर व्यक्ति तक पहुंचाने का आह्वान किया गया। संगठन का विश्वास है कि जब युवा शक्ति सेवा, संस्कार और संगठन को अपना जीवन लक्ष्य बनाएगी, तब समाज में स्थायी सकारात्मक परिवर्तन संभव होगा।


संत श्री राजाराम जी युवा जागृति मंच ने कलबी समाज के सभी शिक्षित एवं जागरूक युवाओं से संगठन के साथ जुड़कर सामाजिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। संगठन का उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों के लिए संस्कारवान, संगठित और आत्मनिर्भर समाज का निर्माण करना है।

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