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NH-48 बैरियर फ्री टोल सिस्टम लागू: अब बिना रुके फटाफट निकलेंगी गाड़ियां

  • लेखक की तस्वीर: धन्नाराम चौधरी
    धन्नाराम चौधरी
  • 1 अग॰
  • 2 मिनट पठन
Infographic in Hindi about new toll system: car under ANPR and RFID gantries, toll deducted automatically, FASTag, SMS alert.

दिल्ली-जयपुर हाईवे पर आज से शुरू हुआ MLFF टोल सिस्टम, बिना रुके कटेगा टोल टैक्स

भारतार्थ खबर। संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) नई दिल्ली | 1 अगस्त, 2026 NH-48 बैरियर फ्री टोल सिस्टम आज से दिल्ली-जयपुर नेशनल हाईवे पर लागू हो गया है। इस नई व्यवस्था के बाद अब टोल प्लाजा पर लंबी कतारों में खड़े होने, बैरियर खुलने का इंतजार करने या गाड़ी रोककर टोल देने की जरूरत नहीं होगी। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने शाहजहांपुर टोल प्लाजा पर मल्टी-लेन फ्री-फ्लो (MLFF) टोलिंग सिस्टम शुरू कर दिया है। इस हाईटेक तकनीक से वाहन अपनी सामान्य गति में चलते हुए स्वतः टोल भुगतान कर सकेंगे। यह बदलाव लाखों यात्रियों के समय, ईंधन और यात्रा अनुभव को बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।


दिल्ली-जयपुर NH-48 देश के सबसे व्यस्त राष्ट्रीय राजमार्गों में शामिल है। प्रतिदिन हजारों निजी वाहन, बसें और मालवाहक ट्रक इस मार्ग से गुजरते हैं। टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी कतारें अक्सर यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बनती थीं। इसी समस्या को समाप्त करने के उद्देश्य से NHAI ने बैरियर-फ्री टोलिंग सिस्टम लागू किया है।


नई व्यवस्था के तहत टोल प्लाजा से सभी बैरियर और टोल बूथ हटा दिए गए हैं। सड़क के ऊपर विशेष गैंट्री (Gantry) लगाए गए हैं, जिनमें ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरे और हाई-स्पीड RFID स्कैनर लगाए गए हैं। जैसे ही वाहन 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की सामान्य गति से इन गैंट्री के नीचे से गुजरता है, कैमरा वाहन की नंबर प्लेट और फास्टैग को तुरंत स्कैन कर लेता है।


यदि वाहन पर वैध FASTag लगा है और उसमें पर्याप्त बैलेंस उपलब्ध है, तो निर्धारित टोल राशि स्वतः कट जाएगी। कुछ ही क्षणों में वाहन मालिक के मोबाइल पर भुगतान का SMS भी प्राप्त हो जाएगा। पूरी प्रक्रिया में वाहन को न तो रोकना होगा और न ही गति कम करनी पड़ेगी।


हालांकि सरकार ने इस नई व्यवस्था के साथ नियमों को भी सख्त बनाया है। यदि किसी वाहन के FASTag में पर्याप्त बैलेंस नहीं होगा, FASTag अमान्य होगा या वाहन बिना FASTag के गैंट्री से गुजरेगा, तो सिस्टम स्वतः वाहन के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर ई-नोटिस भेज देगा। इसके बाद वाहन मालिक को बकाया टोल जमा करने के लिए 72 घंटे का समय दिया जाएगा। निर्धारित समय सीमा के भीतर भुगतान नहीं करने पर सामान्य टोल शुल्क का दोगुना जुर्माना वसूला जाएगा।


विशेषज्ञों का मानना है कि इस नई तकनीक से यात्रियों का सफर अधिक तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक होगा। पहले जहां टोल प्लाजा पर 10 से 15 मिनट तक इंतजार करना पड़ता था, अब वाहन बिना रुके आगे बढ़ सकेंगे। इससे ईंधन की बचत होगी, यात्रा समय कम होगा और ट्रैफिक जाम की समस्या भी काफी हद तक समाप्त होगी।


पर्यावरण की दृष्टि से भी यह व्यवस्था महत्वपूर्ण मानी जा रही है। टोल प्लाजा पर वाहनों की भीड़ कम होने से बार-बार ब्रेक और एक्सेलरेशन की आवश्यकता नहीं पड़ेगी, जिससे कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी। इससे वायु प्रदूषण घटाने और हरित परिवहन को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।


यदि यह परियोजना सफल रहती है, तो भविष्य में देश के अन्य व्यस्त राष्ट्रीय राजमार्गों पर भी MLFF बैरियर-फ्री टोल सिस्टम लागू किए जाने की संभावना है।

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