गृह ज्योति योजना पर बड़ा अपडेट: 82 हजार परिवारों का मुफ्त बिजली लाभ खतरे में!
- धन्नाराम चौधरी

- 1 अग॰
- 2 मिनट पठन
सत्यापन से इनकार करने वाले 82,220 परिवार योजना से हो सकते हैं बाहर, सरकार करेगी अंतिम फैसला

भारतार्थ खबर। संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) बेंगलुरु (कर्नाटक) | 1 अगस्त, 2026 गृह ज्योति योजना के तहत मुफ्त बिजली का लाभ ले रहे 82,220 परिवारों पर अब संकट के बादल मंडरा रहे हैं। कर्नाटक सरकार की ओर से चलाए जा रहे सत्यापन अभियान में इन परिवारों ने आवश्यक जानकारी और दस्तावेज उपलब्ध कराने से इनकार कर दिया है। ऐसे में इन लाभार्थियों को योजना से बाहर किए जाने की संभावना जताई जा रही है। बेसकॉम (BESCOM) सहित बिजली वितरण कंपनियां पिछले दो महीनों से घर-घर जाकर लाभार्थियों का सत्यापन कर रही हैं। सरकार का उद्देश्य योजना की पारदर्शिता सुनिश्चित करना और केवल पात्र परिवारों तक मुफ्त बिजली का लाभ पहुंचाना है।
अधिकारियों के अनुसार, गृह ज्योति योजना के तहत प्रत्येक बिजली मीटर को लाभार्थी के आधार नंबर से जोड़ा गया है। इसी कारण सत्यापन के दौरान आधार कार्ड सहित कुछ बुनियादी जानकारियां आवश्यक मानी जा रही हैं। हालांकि, पैन कार्ड और जाति प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज अनिवार्य नहीं हैं।
बेसकॉम के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि अब तक 87.81 लाख परिवारों के सत्यापन अभियान में 82,220 परिवारों ने मीटर रीडरों को कोई भी दस्तावेज या आवश्यक जानकारी देने से इनकार कर दिया। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि कुछ परिवारों ने स्वयं ही गृह ज्योति योजना का लाभ छोड़ने की सहमति दी है।
वर्तमान में राज्यभर में लगभग 1.65 करोड़ परिवार गृह ज्योति योजना का लाभ प्राप्त कर रहे हैं और इनमें से 50 प्रतिशत से अधिक लाभार्थियों का सत्यापन पूरा किया जा चुका है। सत्यापन प्रक्रिया अभी भी जारी है।
अधिकारियों का कहना है कि जिन लोगों ने दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए हैं, उनकी सूची बिना किसी बदलाव के राज्य सरकार को भेजी जाएगी। इसके बाद अंतिम निर्णय सरकार करेगी कि बिना आवश्यक जानकारी वाले परिवारों को योजना का लाभ जारी रखा जाए या नहीं।
बेसकॉम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बेंगलुरु में ऐसे मामलों की संख्या सबसे अधिक है। इसकी प्रमुख वजह शहर में बड़ी संख्या में रहने वाले प्रवासी परिवार हैं। कई लोगों के आधार कार्ड या अन्य सरकारी दस्तावेजों में वर्तमान निवास का पता अलग है, जिसके कारण वे सत्यापन प्रक्रिया में जानकारी साझा करने से बच रहे हैं।
इसके अलावा कुछ लोग व्यक्तिगत जानकारी, विशेषकर आय और अन्य वित्तीय विवरण साझा करने में भी हिचकिचा रहे हैं। हालांकि अधिकारियों को उम्मीद है कि जिन परिवारों ने फिलहाल दस्तावेज नहीं दिए हैं, उनमें से कई बाद में स्वयं कार्यालय पहुंचकर फॉर्म जमा कर देंगे।
अधिकारियों ने बताया कि जहां भी लोगों ने मौके पर जानकारी देने से इनकार किया, वहां उन्हें आवेदन फॉर्म उपलब्ध करा दिए गए हैं ताकि वे अपनी सुविधा के अनुसार आवश्यक दस्तावेज जमा कर सकें।
गौरतलब है कि गृह ज्योति योजना की शुरुआत जुलाई 2023 में की गई थी। इस योजना के तहत प्रति माह 200 यूनिट तक बिजली की खपत करने वाले पात्र परिवारों को मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई जाती है। यह योजना राज्य सरकार की प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं में शामिल है।
_edited.jpg)



टिप्पणियां