PM मोदी ने भारत के युवाओं की कामयाबी को बताया विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत
- धन्नाराम चौधरी

- 1 अग॰
- 3 मिनट पठन
मैसूर में विवेक स्मारक का उद्घाटन, रामकृष्ण मठ में बोले प्रधानमंत्री— युवा, शिक्षा, स्टार्टअप और आत्मनिर्भर भारत ही देश के उज्ज्वल भविष्य की नींव।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मैसूर स्थित श्री रामकृष्ण मठ में विवेक स्मारक का उद्घाटन करते हुए एवं संतों का आशीर्वाद प्राप्त करते हुए।
भारतार्थ खबर। संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) मैसूर | 1 अगस्त, 2026 PM मोदी ने भारत के युवाओं की कामयाबी को विकसित भारत की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए कहा कि आज का भारत नवाचार, स्टार्टअप, डिजिटल तकनीक, सेमीकंडक्टर, मोबाइल निर्माण और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में दुनिया का नेतृत्व करने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि मैसूर में स्थापित विवेक स्मारक आने वाले समय में साधकों, संतों और श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणा एवं आध्यात्मिक चेतना का प्रमुख केंद्र बनेगा।
शनिवार को मैसूर स्थित श्री रामकृष्ण मठ एवं रामकृष्ण मिशन द्वारा निर्मित विवेक स्मारक के उद्घाटन अवसर पर आयोजित भव्य कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक विरासत और युवाओं की क्षमता पर विस्तार से अपने विचार रखे। इस अवसर पर उन्होंने रामायण के सात खंडों तथा अन्य आध्यात्मिक पुस्तकों का भी विमोचन किया।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत कन्नड़ भाषा में "सभी को मेरा नमस्कार" कहकर की तथा देवी चामुंडेश्वरी को नमन किया। उन्होंने कहा कि मैसूर केवल ऐतिहासिक और सांस्कृतिक नगरी ही नहीं, बल्कि संगीत, साहित्य, अध्यात्म और शिक्षा का भी महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। उन्होंने रामकृष्ण मठ की समाज निर्माण में निभाई जा रही भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्थान वर्षों से संस्कार, सेवा और आध्यात्मिक जागरण का कार्य कर रहा है।
उन्होंने स्वामी विवेकानंद के जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि मैसूर का उनके जीवन में विशेष महत्व रहा है। जब स्वामी विवेकानंद विश्वविख्यात नहीं थे, तब मैसूर के महाराजा और यहां की संस्कृति ने उन्हें प्रेरणा दी। उन्होंने बताया कि अमेरिका प्रवास के दौरान भी स्वामी विवेकानंद ने मैसूर के महाराजा को पत्र लिखकर समाज सेवा और परोपकार के महत्व को रेखांकित किया था।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। तपस्या, अनुशासन और निरंतर प्रयास ही किसी भी व्यक्ति और राष्ट्र को महान बनाते हैं। उन्होंने कहा कि आज भारत के युवा इसी भावना के साथ आगे बढ़ रहे हैं और विश्व स्तर पर अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भारत आज दुनिया का प्रमुख स्टार्टअप हब बन चुका है। मोबाइल निर्माण, डिजिटल भुगतान, डिजिटल समाधान, नवाचार और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में देश ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। इन सभी सफलताओं का श्रेय उन्होंने भारत के युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा और परिश्रम को दिया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया अभियान की सफलता के पीछे युवाओं का सबसे बड़ा योगदान है। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। देशभर में अटल टिंकरिंग लैब्स स्थापित की जा रही हैं, जिससे विद्यार्थियों में नवाचार और वैज्ञानिक सोच विकसित हो रही है।
उन्होंने बताया कि मेडिकल और इंजीनियरिंग जैसी उच्च शिक्षा अब मातृभाषाओं में भी उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि ग्रामीण और सामान्य परिवारों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को भाषा के कारण किसी प्रकार
की कठिनाई का सामना न करना पड़े। उन्होंने खेलो इंडिया अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच उपलब्ध कराया जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कर्नाटक ने देश को अनेक महान साहित्यकार, कलाकार और विचारक दिए हैं। उन्होंने विशेष रूप से कन्नड़ साहित्य की समृद्ध परंपरा का उल्लेख करते हुए राष्ट्रीय कवि कुवेम्पु को याद किया। उन्होंने बताया कि कुवेम्पु भी अपने समय में रामकृष्ण आश्रम से जुड़े रहे थे।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की, ध्यान लगाया, पूजा-अर्चना की तथा आश्रम परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। उन्होंने विवेक स्मारक का अवलोकन कर वहां उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की।
इस अवसर पर राज्यपाल थावरचंद गहलोत, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र, सांसद यदुवीर कृष्णदत्त चामराजा वोडेयार, संत-महात्मा, जनप्रतिनिधि, शिक्षाविद, विद्यार्थी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। प्रधानमंत्री के संबोधन के दौरान विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला और पूरा परिसर "मोदी-मोदी" के नारों से गूंज उठा।
_edited.jpg)



टिप्पणियां