top of page

 भारतार्थ खबर, नहीं उसका अर्थ

20अक्टूबर /2026 /मंगलवार

अलुवा,19 अक्टूबर 2026। कभी-कभी जीवन में सुनी गई कोई बात या देखा गया कोई वीडियो सोचने का नजरिया बदल देता है। केरल की अरुंधति के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक वीडियो से प्रेरित अरुंधति ने उन्हें हाथ से लिखा भावुक पत्र भेजकर अपनी शादी में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। उनकी शादी 20 दिसंबर 2026 को केरल के अलुवा में होनी है।

भारतार्थ लोगो: खबर नहीं, उसका अर्थ - राजनीतिक समाचार विश्लेषण

अलुवा,19 अक्टूबर 2026। कभी-कभी जीवन में सुनी गई कोई बात या देखा गया कोई वीडियो सोचने का नजरिया बदल देता है। केरल की अरुंधति के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक वीडियो से प्रेरित अरुंधति ने उन्हें हाथ से लिखा भावुक पत्र भेजकर अपनी शादी में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। उनकी शादी 20 दिसंबर 2026 को केरल के अलुवा में होनी है।

WhatsApp Video 2026-10-04 at 8.50.36 PM.mp4

गुरु पूर्णिमा पर गुरुदेव भक्ति से गूंजा श्री जिन कुशल सूरी जैन दादावाड़ी

लेखक की तस्वीर: धन्नाराम चौधरी
धन्नाराम चौधरी
31 जुल॰
2 मिनट पठन
Temple shrine with two adorned idols, lit oil lamps, flowers, and carved stone backdrop.

गुरु महिमा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास से सराबोर हुआ आयोजन, श्रद्धालुओं ने धर्म-संयम के मार्ग पर चलने का लिया संकल्प

भारतार्थ खबर। संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) बेंगलुरु | 31 जुलाई, 2026 बेंगलुरु। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर श्री जिन कुशल सूरी जैन दादावाड़ी श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र बन गई। श्री जिन कुशल सूरी जैन दादावाड़ी ट्रस्ट के तत्वावधान में तथा श्री जिनदत्त कुशल सूरी जैन सेवा एवं संगीत मंडल, बसवनगुडी के सहयोग से आयोजित गुरुदेव भक्ति महोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर गुरुदेव के श्रीचरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित की। पूरे आयोजन के दौरान आराधना भवन भक्ति, संगीत और आध्यात्मिक उल्लास से गुंजायमान रहा।


यह भव्य आयोजन परम पूज्य गुरुदेव श्री मलयप्रभ सागर जी म.सा. तथा परम पूज्य साध्वी श्री प्रियश्रद्धांजना श्री जी म.सा. आदि ठाणा की पावन प्रेरणा से सम्पन्न हुआ। गुरु पूर्णिमा के इस विशेष अवसर पर श्रद्धालुओं ने गुरु के उपकारों का स्मरण करते हुए धर्म, संयम, सेवा और आत्मकल्याण के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।


मंडल के अध्यक्ष ललित डाकलिया ने कहा कि गुरु पूर्णिमा केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि गुरु के प्रति कृतज्ञता, श्रद्धा और समर्पण व्यक्त करने का सर्वोत्तम अवसर है। ऐसे आयोजन समाज में धार्मिक संस्कारों को मजबूत करते हैं और नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति एवं आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ने का कार्य करते हैं।


कार्यक्रम के दौरान संगीत मंडल के सनी रांका, नितेश बोहरा, सुरेश कोठारी, जीतू कवाड, पारस पारख, महावीर पारख, कुनाल मरलेचा, रेखा लोढ़ा और मनन बोहरा ने गुरु महिमा से ओत-प्रोत मधुर स्तवन, भजन एवं संगीतमय प्रस्तुतियां दीं। इन भावपूर्ण प्रस्तुतियों ने उपस्थित श्रद्धालुओं को भक्तिरस में सराबोर कर दिया और पूरा वातावरण गुरु भक्ति के रंग में रंग गया।


महामंत्री धर्मेन्द्र संकलेचा सहित उपस्थित श्रद्धालुओं ने कहा कि गुरु ही जीवन के सच्चे मार्गदर्शक हैं। गुरु के बताए सिद्धांतों का पालन कर ही व्यक्ति अपने जीवन को सार्थक बना सकता है। गुरु के प्रति श्रद्धा, समर्पण और आज्ञापालन आत्मिक उन्नति तथा समाज के नैतिक विकास का आधार है।


आयोजन की सफलता में मंडल के सभी पदाधिकारियों, सदस्यों एवं सहयोगियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम के समापन पर सभी श्रद्धालुओं ने गुरुदेव के श्रीचरणों में वंदन कर विश्व शांति, धर्म प्रभावना और समस्त जीवों के कल्याण की मंगलकामना की।।

टिप्पणियां

5 स्टार में से 0 रेटिंग दी गई।
अभी तक कोई रेटिंग नहीं

रेटिंग जोड़ें
bottom of page