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गौ सम्मान अभियान में उमड़ा जनसैलाब, कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर सौंपा ज्ञापन

  • लेखक की तस्वीर: धन्नाराम चौधरी
    धन्नाराम चौधरी
  • 27 जुल॰
  • 2 मिनट पठन

बेंगलुरु में गौभक्तों और सनातन प्रेमियों ने गौ संरक्षण के समर्थन में बुलंद की आवाज, अगले हस्ताक्षर अभियान का भी लिया संकल्प


Hindu protesters in saffron raise fists and hold cow placards with Kannada text on a street beside buses.

फ्रीडम पार्क से जिला कलेक्टर कार्यालय तक गौ सम्मान आह्वान अभियान में शामिल गौभक्त एवं सनातन धर्म प्रेमी।

भारतार्थ खबर। संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) | बेंगलुरु | 27 जुलाई, 2026। गौ सम्मान आह्वान अभियान के तहत सोमवार को राजधानी बेंगलुरु में गौभक्तों, सनातन धर्म प्रेमियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों की उल्लेखनीय भागीदारी देखने को मिली। फ्रीडम पार्क से शुरू हुए इस अभियान में बड़ी संख्या में नागरिकों ने शांतिपूर्ण तरीके से भाग लेते हुए जिला कलेक्टर कार्यालय तक मार्च किया और राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री तथा राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपकर गौ संरक्षण, गौ संवर्धन और गौ सम्मान से संबंधित मांगों को प्रमुखता से उठाया।

Crowd of saffron-clad Hindu devotees and priests raise hands beside decorated white cows on a street, with buses behind.

कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 8:30 बजे सामूहिक रूप से "श्री राम जय जय जय रामा, राम लक्ष्मण जानकी जय बोलो हनुमान की" विजय मंत्र के जाप के साथ हुआ। आध्यात्मिक वातावरण के बीच उपस्थित श्रद्धालुओं ने गौ माता के सम्मान और भारतीय संस्कृति के संरक्षण का संकल्प दोहराया। इसके पश्चात सभी प्रतिभागी अनुशासित और शांतिपूर्ण ढंग से फ्रीडम पार्क से जिला कलेक्टर कार्यालय तक पहुंचे, जहां संवैधानिक पदाधिकारियों के नाम ज्ञापन सौंपा गया।


Saffron-clad monks at a protest/event table, one speaking into a mic while others hold papers; banners read Gau Sammat 2026.

अभियान के आयोजकों ने बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में गौ संरक्षण, गौ संवर्धन और गौ सम्मान के प्रति व्यापक जनजागरण करना है। उनका कहना था कि गौ सेवा भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और



परंपराओं का महत्वपूर्ण आधार रही है। इसलिए समाज के सभी वर्गों को इस विषय पर सकारात्मक संवाद और रचनात्मक सहभागिता के लिए आगे आना चाहिए।


कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। वक्ताओं ने कहा कि गौ संरक्षण केवल एक धार्मिक विषय नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता, पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा व्यापक विषय है। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे संवैधानिक और लोकतांत्रिक तरीकों से अपनी बात रखते हुए समाज में सकारात्मक वातावरण का निर्माण करें।


Women in orange scarves hold Kannada cow-protection signs at an outdoor rally, with buses and trees behind.

अभियान के दौरान प्रतिभागियों के लिए अल्पाहार की भी व्यवस्था की गई। पूरे आयोजन में अनुशासन, शांति और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया गया। आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति ने इस अभियान को और अधिक प्रभावशाली बनाया।


कार्यक्रम के समापन पर गौ माता की मंगल आरती एवं पूजन का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने गौ माता का आशीर्वाद प्राप्त कर समाज में सेवा, संस्कार और सद्भाव के संदेश को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।


Hindu monks in orange robes on a stage at an outdoor event, with banners reading Gau Samman Aahvaan Abhiyaan and 2026.

इस अवसर पर आयोजकों ने घोषणा की कि 27 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित अगले हस्ताक्षर अभियान की तैयारियां आज से ही प्रारंभ कर दी गई हैं। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों को इस जनजागरण अभियान से जोड़ने का आह्वान किया ताकि गौ संरक्षण और गौ सम्मान के विषय पर समाज में व्यापक जागरूकता का वातावरण तैयार किया जा सके।


बेंगलुरु में समय-समय पर सामाजिक और सांस्कृतिक विषयों पर आयोजित होने वाले जागरूकता अभियानों की श्रृंखला में यह आयोजन भी उल्लेखनीय रहा। प्रतिभागियों ने विश्वास व्यक्त किया कि लोकतांत्रिक माध्यम से अपनी बात रखने वाले ऐसे कार्यक्रम समाज में सकारात्मक संवाद और जनसहभागिता को नई दिशा प्रदान करेंगे।

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