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केरल में तेजस्वी का ‘इंग्लिश अटैक’, कांग्रेस पर साधा निशाना; एलडीएफ के लिए मांगे वोट

  • लेखक की तस्वीर: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • 3 अप्रैल
  • 2 मिनट पठन

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

कोच्चि/तिरुवनंतपुरम। तेजस्वी यादव इन दिनों केरल में चुनावी मैदान में सक्रिय नजर आ रहे हैं, जहां वे वामपंथी गठबंधन एलडीएफ के समर्थन में जोरदार प्रचार कर रहे हैं। अपने पांच दिवसीय दौरे के दौरान तेजस्वी यादव ने कई चुनावी सभाओं को संबोधित किया, जिनमें उनके धाराप्रवाह अंग्रेजी भाषण सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।


राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता तेजस्वी यादव भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के नेतृत्व वाले लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) के उम्मीदवारों के पक्ष में प्रचार कर रहे हैं। गठबंधन के तहत आरजेडी को तीन सीटें मिली हैं, जिन पर पार्टी ने अपने उम्मीदवार उतारे हैं। इन सीटों में वडाकारा, कुत्थुपरंबा और कालपेट्टा शामिल हैं।


चुनावी सभाओं में तेजस्वी यादव ने पिनाराई विजयन सरकार के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि पिछले एक दशक में केरल ने विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के मामले में केरल को देश के लिए मॉडल बताया। साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार पर केरल के साथ भेदभाव करने का आरोप भी लगाया।


अपने भाषणों में तेजस्वी यादव ने बिहार की स्थिति का जिक्र करते हुए उसे देश के गरीब राज्यों में शामिल बताया और कहा कि वे वहां के लोगों को केरल जैसे विकास का उदाहरण देते हैं। इस बयान को लेकर बिहार में सियासी विवाद भी खड़ा हो गया है। भारतीय जनता पार्टी और जनता दल (यूनाइटेड) के नेताओं ने उन पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य की पिछड़ी स्थिति के लिए उनके परिवार की पूर्व सरकारें जिम्मेदार रही हैं।


इधर, कांग्रेस के खिलाफ भी तेजस्वी यादव ने अप्रत्यक्ष रूप से मोर्चा खोला है। बिहार में हालिया चुनावी हार के बाद कांग्रेस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए वे केरल में कांग्रेस उम्मीदवारों के खिलाफ प्रचार कर रहे हैं। खासतौर पर कालपेट्टा सीट, जो प्रियंका गांधी के संसदीय क्षेत्र वायनाड के अंतर्गत आती है, वहां मुकाबला रोचक बन गया है।


इस बीच, एलडीएफ नेतृत्व ने तेजस्वी यादव के प्रचार अभियान का स्वागत किया है। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने उनके समर्थन को “धर्मनिरपेक्ष ताकतों के लिए मजबूती” बताया। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, केरल में तेजस्वी यादव की सक्रियता न केवल क्षेत्रीय राजनीति में उनकी बढ़ती भूमिका को दर्शाती है, बल्कि विपक्षी खेमे में नए समीकरणों की ओर भी संकेत करती है।

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