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ओवैसी का आरोप: मोदी-ममता में ‘गुप्त समझौता’, बंगाल की राजनीति गरमाई

  • Writer: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • Apr 13
  • 2 min read

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

कोलकाता/मुर्शिदाबाद। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की सरगर्मी तेज होते ही सियासी बयानबाज़ी भी चरम पर पहुंच गई है। इसी क्रम में असदुद्दीन ओवैसी के एक तीखे बयान ने राज्य की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) प्रमुख ओवैसी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर “गुप्त समझौते” का आरोप लगाते हुए कहा कि दोनों नेता “एक ही सिक्के के दो पहलू” हैं।


मुर्शिदाबाद के रघुनाथगंज में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भाजपा के बीच अंदरूनी तालमेल है, जिसका खामियाजा राज्य के मुसलमानों को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन बाद में उन्हें पूरा नहीं किया जाता। ओवैसी ने विशेष रूप से वक्फ अधिनियम को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने इसे लागू न करने का वादा किया था, लेकिन यह सिर्फ वोट हासिल करने की रणनीति थी। उन्होंने दावा किया कि बंगाल में मुसलमानों के साथ “गंभीर अन्याय” हुआ है और उन्हें उनके अधिकारों से वंचित रखा गया है। इस पूरे विवाद को उस समय और बल मिला जब टीएमसी द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक कथित ‘स्टिंग वीडियो’ का जिक्र सामने आया। इस वीडियो में एक क्षेत्रीय नेता द्वारा कथित तौर पर बड़ी रकम के सौदे की बात कही गई है, जिसे लेकर विपक्षी दलों ने सवाल उठाए हैं। एआईएमआईएम ने इसे मुस्लिम समाज की गरिमा से जुड़ा मुद्दा बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। ओवैसी ने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए यह भी कहा कि देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के कार्यकाल में भी पश्चिम बंगाल में हजारों मुसलमानों को नोटिस देकर बेदखल किया गया था, जो आज भी समुदाय के बीच असुरक्षा की भावना को दर्शाता है।


इसके साथ ही उन्होंने बीड़ी उद्योग से जुड़ी महिलाओं के लिए न्यूनतम मजदूरी लागू करने का वादा किया और कहा कि एआईएमआईएम सत्ता में आने पर श्रमिक वर्ग के हितों को प्राथमिकता देगी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य में विकास केवल कोलकाता तक सीमित है, जबकि मुर्शिदाबाद जैसे जिलों की अनदेखी की जा रही है। ओवैसी ने चेतावनी देते हुए कहा कि मुर्शिदाबाद के “न्याय” के लिए कोलकाता में ‘चक्का जाम’ किया जाएगा, जिससे राज्य सरकार पर दबाव बनाया जा सके। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि ओवैसी का यह बयान चुनावी रणनीति का हिस्सा हो सकता है, जिसका उद्देश्य मुस्लिम वोट बैंक में अपनी पकड़ मजबूत करना है। वहीं, टीएमसी और भाजपा दोनों ही इन आरोपों को सिरे से खारिज कर चुके हैं। जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं, बंगाल की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज होने के आसार हैं।

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