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ओडिशा एजुकेशन मिशन: ₹41,273 करोड़ से 6794 पंचायतों में मॉडर्न स्कूल

  • Writer: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • May 3
  • 3 min read
“ओडिशा में मॉडर्न स्कूल योजना, ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा सुधार की नई पहल”
“ओडिशा में मॉडर्न स्कूल योजना, ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा सुधार की नई पहल”

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

भुवनेश्वर। ओडिशा में शिक्षा क्षेत्र में ऐतिहासिक, भव्य और परिवर्तनकारी कदम उठाते हुए सरकार ने ₹41,273 करोड़ के मेगा प्लान का ऐलान किया है। मोहन चरण माझी के नेतृत्व में राज्य को ‘नॉलेज कैपिटल’ बनाने की दिशा में यह गेम-चेंजर पहल मानी जा रही है। 6,794 ग्राम पंचायतों में मॉडर्न स्कूल, इंडस्ट्री-रेडी शिक्षा, मातृभाषा में उच्च अध्ययन और छात्रों के लिए आर्थिक सहायता—इन सभी योजनाओं ने शिक्षा व्यवस्था में नई उम्मीद जगा दी है। क्या यह कदम ओडिशा को शिक्षा के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बना पाएगा?


राजधानी भुवनेश्वर में आयोजित राष्ट्रीय शिक्षा नीति कार्यशाला के दौरान ओडिशा सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा और दूरदर्शी रोडमैप प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने राज्य को ‘नॉलेज कैपिटल’ बनाने का विजन साझा करते हुए कहा कि शिक्षा ही विकास की असली नींव है और इसे विश्वस्तरीय बनाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।

₹41,273 करोड़ का मेगा एजुकेशन बजट

राज्य सरकार ने 2025-26 के बजट में शिक्षा क्षेत्र के लिए ₹41,273 करोड़ का प्रावधान किया है। यह निवेश न केवल बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगा, बल्कि छात्रों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने में भी अहम भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब शिक्षा केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसे कौशल, तकनीक और रोजगार से जोड़ा जाएगा ताकि छात्र ‘इंडस्ट्री-रेडी’ बन सकें।

6794 पंचायतों में खुलेंगे मॉडर्न स्कूल

ग्रामीण और शहरी शिक्षा के बीच की खाई को पाटने के लिए सरकार ने ‘गोदावरीश मिश्र आदर्श विद्यालय’ योजना की शुरुआत की है। इस योजना के तहत करीब ₹12,000 करोड़ की लागत से 6,794 ग्राम पंचायतों में आधुनिक सुविधाओं से लैस स्कूल स्थापित किए जाएंगे। इन स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लैब, प्रशिक्षित शिक्षक और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध होगा। इसका उद्देश्य गांव के छात्रों को उनके ही क्षेत्र में शहरी स्तर की शिक्षा देना है।

सामाजिक न्याय और शिक्षा का संतुलन

सरकार ने उच्च शिक्षा में सामाजिक समावेशन को बढ़ावा देने के लिए एसईबीसी वर्ग के लिए 11.25% आरक्षण लागू किया है। इसके साथ ही जनजातीय छात्रों के ड्रॉपआउट को रोकने के लिए ‘शहीद माधो सिंह हाथ खर्च योजना’ के तहत सीधे आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। यह कदम शिक्षा को अधिक समावेशी और सुलभ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

मातृभाषा में उच्च शिक्षा

मातृभाषा को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने IGNOU के साथ समझौता किया है, जिसके तहत तकनीकी और उच्च शिक्षा ओडिया भाषा में भी उपलब्ध कराई जाएगी। इस पहल से छात्रों को जटिल विषयों को समझने में आसानी होगी और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार आएगा।

2036 तक GER बढ़ाने का लक्ष्य

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि ओडिशा की 70% आबादी युवा है, जो राज्य के लिए एक बड़ी ताकत है। वर्तमान में राज्य का सकल नामांकन अनुपात (GER) 23% है, जिसे 2036 तक 29% से ऊपर ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।

संस्कृति और शिक्षा का संगम

धर्मेंद्र प्रधान ने ओडिशा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की सराहना करते हुए महान साहित्यकारों—सारला दास, फकीर मोहन सेनापति और भीम भोई—के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि ओडिशा में शिक्षा और संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिलता है।

डिजिटल इनिशिएटिव: ‘शक्तिश्री’ ऐप लॉन्च

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘शक्तिश्री’ मोबाइल ऐप और मुख्यमंत्री इंटर्नशिप गाइडलाइन पुस्तक का भी लोकार्पण किया। यह ऐप छात्रों को विभिन्न शैक्षणिक और करियर से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराएगा।

Q1. ओडिशा सरकार ने शिक्षा के लिए कितना बजट रखा है?

Q2. कितनी पंचायतों में मॉडर्न स्कूल बनेंगे?

Q3. GER क्या है?

Q4. क्या मातृभाषा में उच्च शिक्षा मिलेगी?

आपके मन में उठ रहे सवाल?

  • क्या यह योजना ग्रामीण शिक्षा की तस्वीर बदल पाएगी?

  • क्या इतने बड़े बजट का सही उपयोग सुनिश्चित हो पाएगा?

  • क्या अन्य राज्य भी इस मॉडल को अपनाएंगे?

अब आपकी बारी!

इन सभी सवालों पर अपनी राय और जवाब नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें। आपकी सोच ही लोकतंत्र की ताकत है।

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