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एचडीएफसी बैंक ने ESOP में बड़े बदलाव, कर्मचारियों के RSU नियम सख्त

  • Writer: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • Apr 18
  • 2 min read

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

मुंबई, 18 अप्रैल। देश के सबसे बड़े निजी बैंकों में शामिल एचडीएफसी बैंक ने अपनी कर्मचारी स्टॉक ऑप्शन योजना (ESOP) में अहम बदलावों का ऐलान किया है। बैंक के बोर्ड द्वारा स्वीकृत इन संशोधनों का उद्देश्य कर्मचारियों के लिए इक्विटी आधारित मुआवजा ढांचे को अधिक व्यवस्थित, जवाबदेह और प्रदर्शन-आधारित बनाना है। बैंक ने बताया कि अप्रैल 2022 में लागू की गई ESOP योजना में संशोधन करते हुए प्रतिबंधित स्टॉक इकाइयों (RSU) से जुड़े नियमों को और स्पष्ट तथा कठोर किया गया है। इसके तहत अब बैंक की शासन, नामांकन एवं पारिश्रमिक समिति (GNRC) को RSU मामलों में व्यापक अधिकार दिए गए हैं।

अनुशासनात्मक मामलों में GNRC को विशेष अधिकार

नए प्रावधानों के अनुसार, यदि किसी कर्मचारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई होती है, तो GNRC को उसके RSU को रद्द करने, ज़ब्त करने या पहले से निहित अधिकारों में बदलाव करने का अधिकार होगा। यह निर्णय पूरी तरह से जांच और कार्रवाई के परिणाम पर आधारित होगा। पहले यह अधिकार केवल नौकरी समाप्ति, मृत्यु या स्थायी विकलांगता जैसे मामलों तक सीमित था।

कर्मचारियों की स्थिति भी होगी अहम

बैंक ने RSU आवंटन के मानदंडों में भी बदलाव किया है। अब कर्मचारियों की रोजगार स्थिति—जैसे अवकाश, विशेष छुट्टी या अन्य स्वीकृत अनुपस्थिति—को भी RSU प्रदान करने में एक अतिरिक्त शर्त के रूप में शामिल किया जाएगा। वहीं, नव-नियुक्त कर्मचारियों के लिए एक विशेष प्रावधान जोड़ा गया है, जिसके तहत ग्रेड, प्रदर्शन, योग्यता या सेवा अवधि जैसे पारंपरिक मानकों को RSU आवंटन में अनिवार्य रूप से लागू नहीं किया जाएगा। इससे नए कर्मचारियों को आकर्षित करने में मदद मिलने की संभावना है।

RSU सीमा में बड़ा इजाफा

बैंक ने ESOP के तहत दिए जाने वाले RSU की अधिकतम सीमा को भी बढ़ा दिया है। अब एक कर्मचारी को अधिकतम 50,000 RSU तक दिए जा सकेंगे, जबकि पहले यह सीमा 15,000 थी, जिसे बोनस इश्यू के बाद 30,000 किया गया था। इस बदलाव से वरिष्ठ और प्रदर्शन-आधारित कर्मचारियों को अधिक प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।

GNRC का नया नाम भी लागू

बैंक ने अपनी नामांकन एवं पारिश्रमिक समिति का नाम बदलकर 30 अक्टूबर 2025 से “गवर्नेंस, नामांकन एवं पारिश्रमिक समिति (GNRC)” कर दिया है, जो अब व्यापक भूमिका निभाएगी।

मुनाफे में भी मजबूत बढ़त

इसी बीच, एचडीएफसी बैंक ने वित्तीय प्रदर्शन में भी मजबूती दिखाई है। मार्च 2026 को समाप्त तिमाही में बैंक का स्टैंडअलोन शुद्ध लाभ 9% बढ़कर 19,221 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो पिछले वर्ष इसी तिमाही में 17,616 करोड़ रुपये था। विशेषज्ञों का मानना है कि ये बदलाव बैंक की मानव संसाधन नीति को अधिक पारदर्शी और प्रदर्शन-उन्मुख बनाएंगे। साथ ही, RSU सीमा में वृद्धि और अनुशासनात्मक प्रावधानों की सख्ती से कर्मचारियों के बीच जवाबदेही और प्रतिस्पर्धा दोनों बढ़ने की संभावना है।

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