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उद्घाटन में देरी, सफाईकर्मियों की बढ़ी मुश्किलें

  • Writer: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • Apr 15
  • 2 min read

भारतार्थ खबर, बेंगलूरु संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

बेंगलूरु। राजा राजेश्वरी नगर विधानसभा क्षेत्र के यशवंतपुर स्थित पाइपलाइन रोड पर बने नवनिर्मित बहुउद्देशीय भवन का उद्घाटन लंबे समय से अटका हुआ है, जिसका खामियाजा बीस से अधिक महिला सफाईकर्मियों को रोजमर्रा की परेशानियों के रूप में भुगतना पड़ रहा है। करोड़ों रुपये की लागत से तैयार यह बहुमंजिला इमारत उपयोग के अभाव में बंद पड़ी है, जबकि जिनके लिए यह सुविधा बनाई गई, वे बुनियादी जरूरतों के लिए भी संघर्ष कर रही हैं। पहले ये महिला कर्मचारी एक पुराने ढांचे का उपयोग करती थीं, जहां उन्हें न केवल काम के दौरान विश्राम की जगह मिलती थी, बल्कि नाश्ता करने और कपड़े बदलने जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध थीं। हालांकि, बीबीएमपी के तत्कालीन अधिकारियों द्वारा उस ढांचे को ध्वस्त कर नई इमारत बनाने का निर्णय लेने के बाद उनकी समस्याएं बढ़ गईं।


वर्तमान स्थिति यह है कि सफाईकर्मियों को नाश्ता करने के लिए सड़क किनारे जगह तलाशनी पड़ रही है, जबकि कपड़े बदलने और शौच जैसी मूलभूत आवश्यकताओं के लिए उन्हें स्थानीय निवासियों की दया पर निर्भर रहना पड़ता है। कई महिलाएं मजबूरी में घर से ही वर्दी पहनकर निकलती हैं, जिससे उन्हें असुविधा और असहजता का सामना करना पड़ता है। एक महिला सफाईकर्मी ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए कहा, “पहले हम भवन के परिसर में कपड़े बदल लेते थे, लेकिन अब इसकी अनुमति नहीं है। घर से वर्दी पहनकर आना पड़ता है, जो हमारे लिए बेहद असुविधाजनक है। हम चाहते हैं कि भवन का उद्घाटन जल्द से जल्द हो।” सिर्फ व्यक्तिगत असुविधा ही नहीं, बल्कि कामकाज से जुड़ी समस्याएं भी बढ़ गई हैं। कर्मचारियों के पास झाड़ू और अन्य उपकरण रखने के लिए कोई सुरक्षित स्थान नहीं है। एक अन्य सफाईकर्मी ने बताया, “हमें रोजाना अपने उपकरण घर ले जाने पड़ते हैं। बीएमटीसी बसों में झाड़ू लेकर सफर करना बेहद मुश्किल होता है। प्रशासन को चाहिए कि या तो वैकल्पिक व्यवस्था करे या भवन को तुरंत चालू करे।” स्थिति की गंभीरता इस बात से भी झलकती है कि ये कर्मचारी अपनी समस्याओं को लेकर खुलकर विरोध तक नहीं कर पा रही हैं। एक महिला कर्मचारी ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर कहा, “हमारे पास चुपचाप सहने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। भवन कब से तैयार है, लेकिन उद्घाटन क्यों नहीं हो रहा, यह सिर्फ अधिकारी और नेता ही जानते हैं।”


इस बीच, बेंगलूरु सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट लिमिटेड (बीएसडब्ल्यूएमएल) की सहायक महाप्रबंधक पवना, जिनका हाल ही में यशवंतपुर में तबादला हुआ है, ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि वे स्थल का निरीक्षण कर महिला कर्मचारियों को हो रही असुविधाओं की रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपेंगी। स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने भी प्रशासन से मांग की है कि इस मुद्दे को प्राथमिकता देते हुए जल्द से जल्द भवन का उद्घाटन किया जाए, ताकि महिला सफाईकर्मियों को सम्मानजनक और सुरक्षित कार्य वातावरण मिल सके।

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