Rajasthan State Highway Encroachment: 98KM हाईवे पर चलेगा बुलडोजर, 124 अतिक्रमणकारियों को नोटिस; प्रशासन एक्शन मोड में
- धन्ना राम चौधरी

- 1 जून
- 4 मिनट पठन
पाली से गोमती चौराहा तक सड़क सीमा में अवैध कब्जों पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी, हाईकोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन सख्त

भारतार्थ खबर, संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)
पाली, राजस्थान | 1 जून 2026। राजस्थान के पाली और राजसमंद जिलों को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण स्टेट हाईवे पर जल्द ही बड़ा प्रशासनिक अभियान शुरू होने जा रहा है। राजस्थान हाईकोर्ट के आदेशों की पालना में पाली से गोमती चौराहा तक लगभग 98 किलोमीटर लंबे स्टेट हाईवे पर किए गए अतिक्रमणों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। सड़क सीमा में आने वाले 124 अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी कर दिए गए हैं और निर्धारित समय सीमा के बाद बुलडोजर कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी गई है।
यह कार्रवाई केवल अतिक्रमण हटाने तक सीमित नहीं मानी जा रही, बल्कि सड़क सुरक्षा, यातायात सुगमता और सार्वजनिक भूमि की रक्षा से जुड़े बड़े अभियान के रूप में देखी जा रही है। प्रशासन का मानना है कि वर्षों से सड़क किनारे बढ़ते अवैध कब्जों के कारण यातायात प्रभावित हो रहा था और दुर्घटनाओं का खतरा भी लगातार बढ़ रहा था।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन सख्त
राजस्थान हाईकोर्ट द्वारा सड़क भूमि से अतिक्रमण हटाने के निर्देशों के बाद संबंधित विभागों ने सर्वे कर अवैध कब्जों को चिह्नित किया। राजस्थान स्टेट रोड डेवलपमेंट एंड कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन (आरएसआरडीसी) ने सड़क सीमा के भीतर आने वाले निर्माणों का रिकॉर्ड तैयार किया और 124 लोगों को नोटिस जारी किए।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय में अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
148 करोड़ की लागत से बना था हाईवे
पाली से गोमती चौराहा तक जाने वाला यह स्टेट हाईवे क्षेत्र की जीवनरेखा माना जाता है। इस सड़क का निर्माण वर्ष 2010 में शुरू हुआ था और 2014 में मुख्य कार्य पूरा हुआ। घाट सेक्शन का निर्माण 2016 में पूर्ण किया गया था।
करीब 148.83 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह हाईवे पाली, देसूरी, नाडोल, सोमेसर और राजसमंद क्षेत्र के हजारों लोगों के लिए आवागमन का प्रमुख मार्ग है। सड़क बनने के बाद व्यापार, पर्यटन और परिवहन गतिविधियों को भी गति मिली थी।
अतिक्रमण से संकरी हुई सड़क
समय के साथ हाईवे किनारे कई स्थानों पर अवैध कब्जे बढ़ते गए। देसूरी, नाडोल, पाबूजी देवली, सोमेसर, बूसी और सोनाई मांझी सहित कई गांवों में सड़क सीमा के भीतर केबिन, टीनशेड, हाथ ठेले और स्थायी निर्माण खड़े कर दिए गए।
इन अतिक्रमणों के कारण कई स्थानों पर सड़क की चौड़ाई कम हो गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार कई जगहों पर जाम की स्थिति बन जाती है और बड़े वाहनों की आवाजाही में भी कठिनाई होती है। यातायात विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क किनारे अवैध कब्जे दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ाते हैं।
देसूरी चौराहा बना सबसे बड़ा हॉटस्पॉट
देसूरी कस्बे का राठेलाव चौराहा अतिक्रमण के मामले में सबसे संवेदनशील क्षेत्र के रूप में सामने आया है। यहां सड़क सीमा के भीतर बड़ी संख्या में स्थायी और अस्थायी निर्माण पाए गए हैं।
सड़क भूमि पर बने केबिन, दुकानों के बाहर बढ़ाए गए टीनशेड और हाथ ठेलों के कारण यातायात व्यवस्था लंबे समय से प्रभावित हो रही थी। प्रशासन ने इस क्षेत्र को प्राथमिकता के आधार पर चिह्नित किया है।
सड़क की मध्य रेखा से 15 मीटर तक कार्रवाई
आरएसआरडीसी द्वारा जारी नोटिस सड़क की मध्य रेखा से दोनों ओर 15-15 मीटर की सीमा में आने वाले अतिक्रमणकारियों को दिए गए हैं।
नोटिस में स्पष्ट कहा गया है कि संबंधित व्यक्ति स्वयं अतिक्रमण हटाएं, अन्यथा प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन और संबंधित विभाग संयुक्त रूप से अभियान चलाकर सड़क भूमि को अतिक्रमण मुक्त बनाएंगे।
प्रशासन ने क्या कहा?
आरएसआरडीसी के परियोजना निदेशक राजीव छाजेड़ ने बताया कि राजस्थान हाईकोर्ट के निर्देशों की पालना में 124 अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि सड़क के मध्य बिंदु से 15 मीटर की सीमा में आने वाले सभी अवैध निर्माणों को चिह्नित किया गया है और आगामी कार्रवाई जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में की जाएगी।
आम जनता को क्या होगा फायदा?
विशेषज्ञों के अनुसार अतिक्रमण हटने के बाद:
सड़क की चौड़ाई बढ़ेगी।
यातायात सुगम होगा।
दुर्घटनाओं की संभावना कम होगी।
आपातकालीन सेवाओं को बेहतर रास्ता मिलेगा।
व्यापारिक और पर्यटन गतिविधियों को गति मिलेगी।
फैक्ट बॉक्स
हाईवे: पाली–गोमती चौराहा स्टेट हाईवे
कुल लंबाई: 98 किलोमीटर
परियोजना लागत: 148.83 करोड़ रुपये
नोटिस जारी: 124 अतिक्रमणकारियों को
कार्रवाई का आधार: राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश
सड़क सीमा: मध्य रेखा से दोनों ओर 15 मीटर
आपके मन में उठ रहे सवाल क्या हैं? (FAQ)
प्रश्न 1: कितने लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं?
उत्तर: कुल 124 अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी किए गए हैं।
प्रश्न 2: कार्रवाई किस हाईवे पर होगी?
उत्तर: पाली से गोमती चौराहा तक के लगभग 98 किलोमीटर लंबे स्टेट हाईवे पर।
प्रश्न 3: कार्रवाई का आधार क्या है?
उत्तर: राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश और आरएसआरडीसी द्वारा किए गए सर्वे के आधार पर।
प्रश्न 4: सड़क सीमा कितनी निर्धारित की गई है?
उत्तर: सड़क की मध्य रेखा से दोनों ओर 15-15 मीटर तक।
प्रश्न 5: कार्रवाई कब शुरू होगी?
उत्तर: नोटिस अवधि समाप्त होने के बाद जिला प्रशासन द्वारा अभियान चलाया जाएगा।
News Source:
राजस्थान स्टेट रोड डेवलपमेंट एंड कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन (आरएसआरडीसी), जिला प्रशासन एवं संबंधित अधिकारियों द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी।
निष्कर्ष
पाली से गोमती चौराहा तक का स्टेट हाईवे क्षेत्र की महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं में शामिल है। वर्षों से बढ़ते अतिक्रमणों के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही थी। अब हाईकोर्ट के आदेशों के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए 124 अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी किए हैं। आगामी दिनों में होने वाली कार्रवाई पर पूरे क्षेत्र की नजर बनी हुई है।
अब आपकी बारी!
इन सभी सवालों पर अपनी राय और जवाब नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें। आपकी सोच ही लोकतंत्र की ताकत है। राष्ट्र निर्माण में बनें भागीदार।
सही, सटीक और निष्पक्ष खबरों के लिए भारतार्थ खबर से जुड़े रहें और दूसरों को भी जोड़ें।
Support करें – Like | Share | Follow ताकि हर जरूरी खबर आप तक सबसे पहले पहुंचे।
ताजा खबरों के लिए जुड़े रहें “Bhaarataarth Khabar” के साथ।
}
_edited.jpg)



टिप्पणियां