top of page

 भारतार्थ खबर, नहीं उसका अर्थ

22अक्टूबर /2026 /गुरुवार

बेंगलुरु, 22 अक्टूबर 2026। बेंगलुरु और मुंबई के बीच रेल यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की संभावित शुरुआत राहत भरी खबर हो सकती है। दक्षिण पश्चिम रेलवे की ओर से 1 नवंबर 2026 को कर्नाटक राज्योत्सव के अवसर पर इस मार्ग पर उद्घाटन विशेष सेवा शुरू करने का प्रस्ताव सामने आया है। हालांकि, नियमित परिचालन, अंतिम समय-सारणी, ठहराव और किराये को लेकर रेलवे की आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।

भारतार्थ लोगो: खबर नहीं, उसका अर्थ - राजनीतिक समाचार विश्लेषण

बेंगलुरु, 22 अक्टूबर 2026। बेंगलुरु और मुंबई के बीच रेल यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की संभावित शुरुआत राहत भरी खबर हो सकती है। दक्षिण पश्चिम रेलवे की ओर से 1 नवंबर 2026 को कर्नाटक राज्योत्सव के अवसर पर इस मार्ग पर उद्घाटन विशेष सेवा शुरू करने का प्रस्ताव सामने आया है। हालांकि, नियमित परिचालन, अंतिम समय-सारणी, ठहराव और किराये को लेकर रेलवे की आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।

WhatsApp Video 2026-10-04 at 8.50.36 PM.mp4

15 वर्षों से हरियाली की मिसाल: सालावास रोड पर जनसेवा का अनूठा अभियान

लेखक की तस्वीर: धन्ना राम चौधरी
धन्ना राम चौधरी
14 अप्रैल
2 मिनट पठन

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

जोधपुर। सांगरिया क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण और जनसेवा का एक प्रेरणादायक उदाहरण सामने आ रहा है, जहां स्थानीय विकास समिति के सदस्यों द्वारा बीते 15 वर्षों से निरंतर हरियाली को संवारने का कार्य किया जा रहा है। भीषण गर्मी के इस मौसम में भी समिति के सदस्य पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ पेड़-पौधों की देखभाल में जुटे हुए हैं।


सांगरिया विकास समिति के सदस्य लक्ष्मण चौधरी, गंगाराम, बद्रीराम नैण, भंवराराम सैवर और घेवरराम मिलकर सालावास रोड के डिवाइडर पर लगाए गए पीपल और शीशम के वृक्षों के साथ-साथ सड़क के दोनों किनारों पर रोपे गए कनेर के पौधों को नियमित रूप से पानी दे रहे हैं। तपती गर्मी में जब पौधों का जीवित रहना चुनौतीपूर्ण होता है, तब इन समाजसेवियों का यह प्रयास उन्हें जीवनदान देने जैसा साबित हो रहा है। विशेष बात यह है कि यह अभियान कोई नया नहीं, बल्कि पिछले डेढ़ दशक से लगातार जारी है। पेड़ लगाना, उनका संरक्षण करना और समय-समय पर उनकी देखभाल करना—इन सभी जिम्मेदारियों को समिति के सदस्य बिना किसी अपेक्षा के निभा रहे हैं। उनके इस समर्पण ने सालावास रोड को हरियाली से आच्छादित कर क्षेत्र के पर्यावरण को भी संतुलित बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इन समाजसेवियों के प्रयासों से न केवल सड़क की सुंदरता बढ़ी है, बल्कि गर्मी के मौसम में राहगीरों को छाया और शुद्ध वायु भी मिल रही है। यह पहल समाज के अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन रही है। आज जब पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक महसूस की जा रही है, ऐसे में सांगरिया विकास समिति के इन सदस्यों का यह अथक प्रयास वास्तव में सराहनीय और अनुकरणीय है।

टिप्पणियां

5 स्टार में से 0 रेटिंग दी गई।
अभी तक कोई रेटिंग नहीं

रेटिंग जोड़ें
bottom of page