Parliament Strategy: विपक्ष के हंगामे के बीच NDA का 'मंगल मिलन' मास्टर प्लान तैयार
- धन्नाराम चौधरी

- 4 अग॰
- 3 मिनट पठन
संसद के मानसून सत्र में विपक्ष की रणनीति का जवाब देने के लिए एनडीए ने बनाया समन्वित फ्लोर मैनेजमेंट प्लान, सरकार के एजेंडे को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने पर जोर।

संसद परिसर में आयोजित एनडीए संसदीय दल की 'मंगल मिलन' बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वरिष्ठ नेता।
भारतार्थ खबर। संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) नई दिल्ली | 4 अगस्त, 2026 Parliament Strategy को लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने संसद के मानसून सत्र में नई राजनीतिक और संसदीय रणनीति तैयार कर ली है। लगातार विपक्ष के हंगामे से प्रभावित हो रहे संसद के कामकाज के बीच मंगलवार को आयोजित 'मंगल मिलन' बैठक में अगले दस दिनों के लिए विस्तृत फ्लोर मैनेजमेंट प्लान तैयार किया गया। इस रणनीति का उद्देश्य सरकार के विधायी एजेंडे को गति देना, विपक्ष के आरोपों का तथ्यों और आंकड़ों के आधार पर जवाब देना तथा सदन में एनडीए के सभी सहयोगी दलों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करना है।
संसद पुस्तकालय भवन के जीएमसी बालयोगी ऑडिटोरियम में आयोजित इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित केंद्र सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री और एनडीए के घटक दलों के सांसद शामिल हुए। बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी उपस्थित रहे।
राजनीतिक दृष्टि से यह बैठक ऐसे समय आयोजित हुई जब संसद के दोनों सदनों में लगातार हंगामे के कारण कई महत्वपूर्ण विधेयकों और चर्चाओं पर असर पड़ा है। ऐसे में एनडीए नेतृत्व ने स्पष्ट संकेत दिया कि अब सरकार विपक्ष की रणनीति का जवाब बेहतर संसदीय प्रबंधन, समन्वय और तथ्यों के साथ देगी।
बैठक में अगले दस दिनों के लिए विस्तृत फ्लोर रणनीति तैयार की गई। इसमें तय किया गया कि विभिन्न विषयों पर किस सांसद को बोलना है, कौन-सा सहयोगी दल किस मुद्दे पर सरकार का पक्ष रखेगा तथा सदन में सरकार की रणनीति किस प्रकार एकजुट होकर प्रस्तुत की जाएगी। उद्देश्य यह है कि विपक्ष के हंगामे के बीच भी विधायी कार्य प्रभावित न हो और सरकार अपने प्रमुख विधेयकों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ा सके।
एनडीए संसदीय दल की यह साप्ताहिक बैठक अब 'मंगल मिलन' के नाम से जानी जाती है। संसद सत्र के दौरान प्रत्येक मंगलवार को आयोजित होने वाली इस बैठक में सरकार के विधायी एजेंडे, विभिन्न राजनीतिक मुद्दों पर पार्टी का रुख, सांसदों की भूमिका और सहयोगी दलों के समन्वय पर विस्तार से चर्चा होती है। इसमें शिवसेना, जनता दल (यूनाइटेड), तेलुगु देशम पार्टी, लोक जनशक्ति पार्टी, जनता दल (सेक्युलर) सहित अन्य सहयोगी दलों की जिम्मेदारियां भी तय की जाती हैं।
बैठक का एक महत्वपूर्ण हिस्सा सरकार की उपलब्धियों को सांसदों तक पहुंचाने पर केंद्रित रहा। केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने खेल क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने बताया कि नई खेल नीति लागू होने के बाद भारत ने ओलंपिक, एशियाई खेलों और राष्ट्रमंडल खेलों में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई नए रिकॉर्ड स्थापित किए हैं।
रोजगार के मुद्दे पर भी सांसदों के सामने विस्तृत आंकड़े प्रस्तुत किए गए। भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने जानकारी दी कि बैठक में रोजगार सृजन, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों से जुड़े आंकड़े साझा किए गए ताकि सांसद अपने-अपने संसदीय क्षेत्रों में जनता के बीच तथ्यों के साथ सरकार की उपलब्धियां रख सकें।
बैठक में एनडीए के भीतर मजबूत समन्वय की झलक भी दिखाई दी। भाजपा सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री पी.पी. चौधरी ने कहा कि "मंगल मिलन में मंगल ही होता है।" वहीं हाल ही में एनडीए में शामिल हुए वरिष्ठ सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय ने भी बैठक में भाग लेते हुए गठबंधन की संगठित कार्यप्रणाली की सराहना की और कहा कि सभी सहयोगी दल एकजुट होकर काम कर रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बैठक केवल संसदीय औपचारिकता नहीं, बल्कि आगामी दिनों में विपक्ष के हंगामे के बीच सरकार की रणनीतिक तैयारी का संकेत है। एनडीए अब संसद के भीतर हर मुद्दे पर समन्वित तरीके से जवाब देने, विधायी कार्यों को आगे बढ़ाने और जनता के सामने अपनी उपलब्धियों को प्रभावी ढंग से रखने की योजना पर काम कर रहा है।
आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि विपक्ष की रणनीति और एनडीए के इस नए फ्लोर मैनेजमेंट के बीच संसद की कार्यवाही किस दिशा में आगे बढ़ती है और सरकार अपने विधायी एजेंडे को किस हद तक सफलतापूर्वक आगे ले जा पाती है।
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