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KPSC वेटनरी ऑफिसर भर्ती विवाद: चलवाड़ी नारायणस्वामी ने भर्ती रोकने की मांग, रिश्वत और भाई-भतीजावाद के लगाए गंभीर आरोप

  • Writer: धन्नाराम चौधरी
    धन्नाराम चौधरी
  • 17 hours ago
  • 3 min read

विपक्ष के नेता ने सरकार से चयन सूची पर तत्काल रोक और निष्पक्ष जांच की मांग की, KPSC भर्ती प्रक्रिया पर उठाए कई सवाल

Large group of students sit cross-legged outdoors at University of Agricultural Sciences, Bengaluru, with a man in a pink vest at center.

भारतार्थ खबर संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) बेंगलुरु | 24 जुलाई 2026 बेंगलुरु। KPSC वेटनरी ऑफिसर भर्ती विवाद ने कर्नाटक की राजनीति में नया मोड़ ले लिया है। विधान परिषद में विपक्ष के नेता चलवाड़ी नारायणस्वामी ने कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) द्वारा वेटनरी ऑफिसर भर्ती प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं, नियमों के कथित उल्लंघन, भाई-भतीजावाद और रिश्वतखोरी के आरोप लगाते हुए सरकार से चयन सूची पर तत्काल रोक लगाने तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

Bearded man in pink vest speaks into a microphone to reporters outdoors, with men gathered behind and news mics in front.

विधान सौधा में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2024 में KPSC द्वारा जारी 400 वेटनरी ऑफिसर पदों की भर्ती अधिसूचना के तहत सामान्य एवं बैकलॉग पदों की भर्ती प्रक्रिया में निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया गया। उनके अनुसार 342 सामान्य पदों और 58 अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के बैकलॉग पदों के लिए अलग-अलग प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए थी, लेकिन कथित तौर पर बैकलॉग पदों के लिए भी प्रतिस्पर्धी परीक्षा आयोजित कर नियमों का उल्लंघन किया गया।


उन्होंने दावा किया कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगे हैं और चयन प्रक्रिया को लेकर 80 लाख रुपये तक की रिश्वत मांगने के आरोप भी सार्वजनिक रूप से सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि यदि ऐसे आरोप लगे हैं तो सरकार का दायित्व है कि वह उनकी स्वतंत्र जांच कराए और जांच पूरी होने तक चयन सूची जारी न करे।


चलवाड़ी नारायणस्वामी ने यह भी आरोप लगाया कि भर्ती प्रक्रिया में भाई-भतीजावाद हुआ तथा मेधावी अभ्यर्थियों की अनदेखी कर कम अंक प्राप्त करने वाले उम्मीदवारों को चयनित किया गया। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी उम्मीदवार के चयन में रिश्तेदारी या प्रभाव का इस्तेमाल हुआ है तो इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।


उन्होंने यह भी कहा कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के बैकलॉग पदों की भर्ती निर्धारित सरकारी आदेशों के अनुरूप होनी चाहिए और यदि नियमों का उल्लंघन हुआ है तो पूरी प्रक्रिया की कानूनी समीक्षा की जानी चाहिए।


विपक्ष के नेता ने कर्नाटक परीक्षा प्राधिकरण (KEA) द्वारा कृषि अधिकारी (AO) एवं सहायक कृषि अधिकारी (AAO) की भर्ती प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि वहां भी नियमों के उल्लंघन की शिकायतें सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर अभ्यर्थी विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और सरकार को उनकी बात सुननी चाहिए।


प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने राष्ट्रीय स्तर के कुछ राजनीतिक मुद्दों, छात्र आंदोलनों तथा विभिन्न दलों की भूमिका पर भी अपनी राजनीतिक टिप्पणियां कीं। उन्होंने NEET परीक्षा से जुड़े विरोध प्रदर्शनों, राजनीतिक दलों की भूमिका तथा कांग्रेस नेतृत्व पर भी तीखी आलोचना की। इन बयानों में उन्होंने कई आरोप और राजनीतिक टिप्पणियां कीं, जिन पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया समाचार लिखे जाने तक सामने नहीं आई थी।


गौरतलब है कि प्रेस वार्ता में लगाए गए रिश्वत, भाई-भतीजावाद और भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं संबंधी सभी आरोप विपक्ष के नेता चलवाड़ी नारायणस्वामी द्वारा लगाए गए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित सरकारी एजेंसियों अथवा KPSC की ओर से इस संबंध में आधिकारिक प्रतिक्रिया समाचार लिखे जाने तक प्राप्त नहीं हुई थी।


राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि इन आरोपों की आधिकारिक जांच होती है तो यह मामला आने वाले दिनों में कर्नाटक की प्रशासनिक और राजनीतिक बहस का महत्वपूर्ण विषय बन सकता है।

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