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Kerala Rain Alert: IMD के ऑरेंज अलर्ट के बीच भारी बारिश, कई जिले जलमग्न

  • लेखक की तस्वीर: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • 4 अग॰
  • 3 मिनट पठन

उत्तरी केरल में मूसलाधार बारिश से बाढ़ जैसे हालात, राहत शिविरों में पहुंचे लोग; सरकार ने सहायता और दस्तावेज दोबारा जारी करने का किया ऐलान।


Flooded neighborhood street with a family wading through water, carrying books and papers from a plastic bin, worried faces, palm trees behind

उत्तरी केरल में भारी बारिश के बाद जलमग्न सड़कें और राहत कार्य में जुटी प्रशासनिक टीमें।

भारतार्थ खबर। संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) तिरुवनंतपुरम | 4 अगस्त, 2026 Kerala Rain Alert के बीच केरल में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा 12 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किए जाने के बाद राज्य के उत्तरी और मध्य हिस्सों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। कई निचले इलाके जलमग्न हैं, नदियां चेतावनी स्तर के करीब बह रही हैं और हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों एवं राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ी है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों से सतर्क रहने की अपील कर रहा है।


मंगलवार सुबह साढ़े पांच बजे तक के पिछले 21 घंटों में उत्तरी केरल के कई जिलों में भारी वर्षा दर्ज की गई। लगातार बारिश के कारण अलप्पुझा, पत्तनमथिट्टा, कोट्टायम और कोझिकोड के निचले तथा नदी तटीय क्षेत्रों में पानी भर गया है। कई घरों में पानी घुसने से लोगों को अपना सामान छोड़कर राहत शिविरों का रुख करना पड़ा।


बाढ़ का सबसे अधिक असर गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर पड़ा है। कई परिवारों के महत्वपूर्ण दस्तावेज, बच्चों की स्कूल की किताबें और घरेलू सामान पानी में बह गए। राज्य के पर्यटन मंत्री पी.सी. विष्णुनाथ ने कहा कि जिन लोगों के दस्तावेज बाढ़ में नष्ट हो गए हैं, उनके लिए विशेष शिविर और विशेष अदालतों की व्यवस्था की जाएगी, ताकि आवश्यक प्रमाणपत्र और दस्तावेज जल्द दोबारा उपलब्ध कराए जा सकें। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि प्रभावित विद्यार्थियों को नई पाठ्यपुस्तकें और अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी।


राज्य सरकार ने राहत और पुनर्वास कार्यों को तेज करते हुए प्रत्येक वार्ड में सफाई अभियान के लिए 25,000 रुपये की तत्काल सहायता स्वीकृत की है। कई स्वयंसेवी संगठन भी जलभराव वाले क्षेत्रों में घरों की सफाई और राहत सामग्री पहुंचाने में प्रशासन की मदद कर रहे हैं।


मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि जिन परिवारों ने बाढ़ के कारण अपने घर या आजीविका खो दी है, उन्हें बिना अनावश्यक देरी के वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। प्रशासन का कहना है कि राहत कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं और प्रभावित परिवारों को हरसंभव मदद दी जाएगी।


भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, कासरगोड जिले के बायार में सबसे अधिक 121.5 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा मुलियार में 81 मिमी, कन्नूर हवाई अड्डे पर 74 मिमी, कोझिकोड के उरुमी में 65 मिमी तथा चेरुवंचेरी और आरएआरएस पिलिकोड में लगभग 59.5 मिमी बारिश दर्ज की गई। नेरियामंगलम में भी 59 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। IMD के अनुसार 24 घंटे में 60 मिमी या उससे अधिक वर्षा को भारी बारिश की श्रेणी में रखा जाता है।


लगातार बारिश के कारण कई नदियों का जलस्तर भी चेतावनी स्तर के करीब पहुंच गया। मुवाट्टुपुषा नदी का जलस्तर सुबह 11.60 मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी स्तर 10.92 मीटर से ऊपर तथा खतरे के निशान के काफी करीब था। हालांकि अधिकारियों ने बताया कि जलस्तर धीरे-धीरे कम हो रहा है।


इसी प्रकार तोडुपुषा नदी का जलस्तर 11.50 मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी स्तर से ऊपर है लेकिन धीरे-धीरे घट रहा है। वहीं कलियारा नदी का जलस्तर फिलहाल चेतावनी स्तर से नीचे है। जल संसाधन विभाग और जिला प्रशासन लगातार नदियों की निगरानी कर रहे हैं तथा तटीय क्षेत्रों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।


मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी किनारे न जाने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

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